
सरायकेला, 19 जुलाई:
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Sukanya Shantha बनाम Union of India [W.P. (C) No. 1404 of 2023] तथा In Re: Discrimination Inside Prisons in India [S.M.W. (C) No. 10 of 2024] में पारित निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को मंडल कारा, सरायकेला का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कारागार में किसी भी प्रकार का जाति आधारित भेदभाव, पृथक्करण अथवा अन्य किसी प्रकार की भेदभावपूर्ण व्यवस्था विद्यमान न हो।

निरीक्षण दल में श्री रामाशंकर सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावाँ; श्री नितिश कुमार, उपायुक्त; श्री मनोज सावरगड़िया, पुलिस अधीक्षक; श्री अभिनव, अनुमंडल पदाधिकारी-सह-जेल अधीक्षक; श्री तौसीफ मेराज, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार; तथा श्री आशीष अग्रवाल, अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी (SDJM) शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान टीम ने कारागार के रसोईघर का अवलोकन किया, जहाँ बंदियों के लिए रोटी एवं अंडा तैयार किया जा रहा था। रसोईघर में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का भी निरीक्षण किया गया। इसके पश्चात निरीक्षण दल ने विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर बंदियों से संवाद स्थापित किया तथा कारागार में संधारित अभिलेखों एवं रजिस्टरों का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से यह सत्यापित किया गया कि कार्य आवंटन, आवास व्यवस्था, भोजन निर्माण, विभिन्न सुविधाओं की उपलब्धता तथा अभिलेख संधारण में कहीं भी जाति आधारित भेदभाव या पृथक्करण तो नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण में पाया गया कि भोजन बनाने का कार्य विभिन्न समुदायों के बंदियों को सौंपा गया है तथा कारागार में किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव या अलगाव नहीं पाया गया।
निरीक्षण दल ने कारागार परिसर की स्वच्छता एवं साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। परिसर की समग्र व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, हालांकि अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं बेहतर बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर निरीक्षण दल ने कारागार परिसर में संचालित जेल विधिक सहायता क्लीनिक एवं चिकित्सा औषधालय का भी निरीक्षण किया। साथ ही जेल लोक अदालत-सह-चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों के बीच विधिक सहायता संबंधी पम्पलेट वितरित कर उन्हें उनके विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सेवाओं की उपलब्धता के संबंध में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, सहायक लोक अभियोजक तथा चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध विधिक सहायता एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्रदान की तथा उनकी समस्याओं का समाधान किया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री नितिश कुमार ने यह भी आश्वासन दिया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) के अंतर्गत मंडल कारा परिसर में विशेष मैपिंग शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि पात्र बंदियों का मतदाता सूची में नामांकन एवं सत्यापन सुगमता से सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बंदी मतदाता सूची में पंजीकरण से वंचित न रहे तथा केवल अपंजीकरण के कारण अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग करने के अवसर से वंचित न हो।
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