
सरायकेला :चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह परिसर में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान एवं सादगीपूर्ण वातावरण में मनाई गई।
*दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि से हुई शुरुआत*

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित नेहरू जी के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की जीवनी पर प्रकाश डाला गया।

*‘चाचा नेहरू’ के योगदान को किया याद*
वक्ताओं ने बताया कि उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी, दूरदर्शी नेता एवं आधुनिक भारत के निर्माता थे। स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा, विज्ञान, उद्योग एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बच्चों के प्रति उनके विशेष स्नेह के कारण उन्हें “चाचा नेहरू” के नाम से भी जाना जाता है।
*प्राचार्य ने कहा – शिक्षा और विज्ञान को दी प्राथमिकता*
संस्थान के प्राचार्य जयदीप पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने देश के विकास के लिए शिक्षा एवं विज्ञान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। आईआईटी, एम्स और इसरो जैसे संस्थानों की नींव रखकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा दी। छात्रों को उनके आदर्शों से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मौके पर संस्थान के सभी शिक्षक, कर्मी एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
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