
बेरमो/कोलकाता – डीवीसी में कथित वित्तीय कुप्रबंधन, नियमों के उल्लंघन और नियुक्तियों में अनियमितताओं को लेकर राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह मांग डीवीसी के पूर्व मुख्य अभियंता अशोक कुमार जैन की शिकायत के आधार पर की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डीवीसी चेयरमैन एस सुरेश कुमार और पूर्व सदस्य (वित्त) अरूप सरकार के कार्यकाल में गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक गड़बड़ियां हुईं। अप्रैल 2026 में डीवीसी के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं थे और बाद में शॉर्ट टर्म लोन लेकर भुगतान किया गया। नकदी संकट के लिए ‘सैप’ आधारित ईआरपी प्रणाली के अधूरे कार्यान्वयन और उपभोक्ताओं को बिल जारी नहीं होने को जिम्मेदार बताया गया है।

पूर्व सदस्य (वित्त) पर अपने बेटे को डेलॉयट में 60 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर नौकरी दिलाने का भी आरोप है। वहीं बिना सीईआरसी मंजूरी 300 करोड़ रुपये से अधिक प्रोत्साहन राशि खर्च करने और 1207 मृत पेंशनभोगियों को भुगतान किए जाने का मामला भी उठाया गया है। जांच के बाद करीब 35 करोड़ रुपये वापस लिए गए हैं।

इसके अलावा बिना स्वीकृत पद वरिष्ठ प्रबंधकों की नियुक्ति, संविदा बहाली में नियमों की अनदेखी और अधिकारियों के लिए खरीदी गई गाड़ियों के बाय-बैक प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए गए हैं।
सांसद दीपक प्रकाश ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विदित हो कि डीवीसी चेयरमैन 31 मई को सेवानिवृत्त होंगे, जबकि पूर्व सदस्य (वित्त) अरूप सरकार का कार्यकाल 24 अप्रैल को समाप्त हो चुका है।
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