

कुल्टी: विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के पावन अवसर पर सीतारामपुर स्थित आदिकर्ण फाउंडेशन (NGO) द्वारा एक भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने शिरकत कर कविगुरु की सांस्कृतिक विरासत को नमन किया।

प्रभात फेरी का शुभारंभ सुबह 7:30 बजे नियामतपुर क्षेत्र से हुआ। गुरुदेव की कालजयी रचनाओं जैसे “एकला चलो रे” और राष्ट्रगान “जन गण मन” के स्वरों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए यह रैली अमृत भारत सीतारामपुर स्टेशन परिसर पर जाकर संपन्न हुई। स्थानीय निवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर इस सांस्कृतिक जुलूस का आत्मीय स्वागत किया।
आदिकर्ण फाउंडेशन के चेयरपर्सन संतोष कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना के स्तंभ हैं। उनके विचार और साहित्य आज भी समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रभात फेरी में मातृशक्ति की भारी भागीदारी की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बताया।
सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ यह दिन राजनीतिक बदलाव के गवाह के रूप में भी दर्ज हुआ। श्री वर्मा ने राज्य में गठित नई सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद और पश्चिम बर्दवान से अग्निमित्रा पॉल के मंत्रिमंडल में शपथ लेने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे लोकतंत्र की विजय और जनता के विश्वास का परिणाम बताया।
आदिकर्ण फाउंडेशन ने नई सरकार के नेतृत्व में प्रदेश की सुख-शांति और चौमुखी विकास की कामना की। यह आयोजन न केवल गुरुदेव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि साबित हुआ, बल्कि सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक उत्साह का एक अनूठा संगम बनकर भी उभरा।
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