
राजनगर : राजनगर प्रखंड के अंतर्गत मुड़ियापाड़ा में रोजो संक्रांति के शुभ अवसर पर शिव शक्ति क्लब द्वारा आयोजित सरायकेला शैली छःऊ नृत्य धूमधाम से हुआ आयोजन।
रोजो संक्रांति पर पारंपरिक छऊ नृत्य एवं भक्ता पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक और संस्कृति उत्सव में स्थानीय लोगों के अलावा झारखंड , उड़ीसा , बिहार और पश्चिम बंगाल से भी सैकड़ों की संख्या में दर्शक पहुंचे थे , जिसमें पूरा क्षेत्र रात भर उत्सावी माहौल में डूबा रहा। भक्ता पाठ के तहत श्रद्धालुओं ने तलाब में पवित्र स्नान कर शिव शक्ति की उपासना की।

भक्तों ने झंडा और गोरिया भर की पूजा कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की।

छऊ नृत्य शैववाद , वैष्णव वाद में पाये धार्मिक विषयों पर आधारित लोकनृत्य के साथ किया गया। कलाकारों ने गणेश वंदना , महिषासुर वध, हर पार्वती , कृष्ण लीला , जरा सिंधु , सिद्धू कानू, लवकुश छऊ नृत्य प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम के दौरान राजू कुम्भकर ने छऊ के धार्मिक महत्व को समझाते हुए कहा कि इनमें चारों युगों का अद्भुत समावेश है शिव शक्ति को समर्पित यात्रा घाट सत्ययुग , वृंदावनी घट त्रेतायुग , गोरिया भार द्वापर युग, व कालिका घाट कलियुग को समर्पित है। तीन पीढ़ियों से पूजा एवं छऊ नृत्य का आयोजन हो रहा है। छऊ हमारी समृद्धि संस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और ऐसी परंपराओं को संरक्षित एवं बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है।
रात भर चले संस्कृत कार्यक्रम में छऊ नृत्य समिति कड़ियांसिन्दरी तथा छऊ नृत्य कला केंद्र मोड़ादा उड़िसा के दोनों टीमों ने एक से एक छऊ नृत्य प्रदर्शन कर सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिए।
छऊ नृत्य एवं पूजा को सफल आयोजन समिति के अध्यक्ष- संतोष कुमार,सचिव- गौरी सरदार , कोषाध्यक्ष – सिकंदर खंडवार , सदस्य -बनमली कुंभकार , राजू कुंभकार , संतोष कुंभकार , गणेश्वर कुंभकार, राजेश मोदक, सुरेन सरदार ,मिथुन कुंभकार, सहदेव खंडवार ,शंभू मोदक ,राहुल लोहार ,बुलेट लोहार, प्रदीप कुम्भकार ,सुधीर कुमार , महेश्वर कुम्हार ,मंगल सरदार एवं ग्रामवासी का सहरनीय योगदान रहा।
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