
सरायकेला :चांडिल वन क्षेत्र में वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग चुनिंदा लोगों पर कार्रवाई कर रहा है और कुछ लोगों को खुली छूट दे रखी है। इसे लेकर क्षेत्र में ‘एक आंख में सुरमा, दूसरी आंख में काजल’ जैसी स्थिति बताई जा रही है।
*10 किमी दूर चिरूगोड़ा में कार्रवाई, दो किमी दूर भालुकोचा में खुलेआम चल रही मशीनें*
चांडिल वन क्षेत्र के पदाधिकारियों ने डीएफओ के निर्देश पर 10 जून 2026 को चांडिल वन क्षेत्र के अधीन चिरूगोड़ा गांव में श्यामचंद सिंह द्वारा लंबे समय से संचालित आरा मशीन को जप्त किया था। आरोप है कि वह व्यक्ति अवैध रूप से लकड़ी चिराई का काम कर रहा था।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि चांडिल वन क्षेत्र कार्यालय से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर भालुकोचा गांव में सुफल कुम्हार द्वारा बड़े-बड़े आरा मशीन लगाकर धड़ल्ले से लकड़ी चिराई का काम किया जा रहा है। उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने कहा, “चिरूगोड़ा जो समानपुर पंचायत में पड़ता है वहां जाकर कार्रवाई हो जाती है, लेकिन कार्यालय के पास ही भालुकोचा में सब कुछ चल रहा है और विभाग आंख बंद किए हुए है।”
चिरूगोड़ा के जिस आदिवासी की मशीन जप्त हुई है, उसने भी सवाल उठाया कि “सुफ़ल कुम्हार अवैध रूप से आरा मशीन चला रहा है, उस पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? साफ जाहिर है कि पदाधिकारियों की मिलीभगत से वह फल-फूल रहा है। कार्रवाई हो तो दोनों पर बराबर हो।”
*हाथी-मानव संघर्ष और अवैध खन पर भी उठे सवाल*
ग्रामीणों ने वन विभाग पर अन्य मुद्दों को लेकर भी नाराजगी जताई।
1. *हाथी पलायन*: वन विभाग अब तक हाथियों के पलायन का कोई ठोस समाधान नहीं कर पाया है। जंगल से हाथी गांवों में प्रवेश कर उपद्रव मचा रहे हैं। हाथी और मानव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है।
2. *अवैध खन*: वन क्षेत्र से सटे इलाकों में 0 दूरी पर एनओसी देकर अवैध पत्थर खन ओर बालू भंडारण चल रहा है। डिटोनेटर से ब्लास्टिंग भी की जा रही है, लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
*ग्रामीणों की मांग*
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग निष्पक्ष कार्रवाई करे। सुफ़ल कुम्हार की अवैध आरा मशीन को भी तुरंत जप्त किया जाए। साथ ही हाथी समस्या और अवैध खन पर भी ठोस कदम उठाए जाएं। गरीब किसान को न नोटिस मिला न कोई सूचना ओर कारवाई शुरू जंगल का लकड़ी चिराई करते हुए नहीं मिला । ओर मशीन के सारे पुर्जे खोल कर सरायकेला वन प्रमण्डल वन उप-परिसर पदाधिकारी आवास वन परिसर-नीमडीह चाण्डिल वन प्रक्षेत्र रघुनाथपुर जब्त कर लाया सामग्री रखा गया।श्यामचंद सिंह के परिवार के लोगों के लोग डरे हुए हे।
चांडिल के भालूकोचा स्थित आरा मशीन मामले में DFO ने जांच की बात कही, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
चांडिल अनुमंडल मे अवैध आरा मशीन संचालन के मामले में *DFO सवा आलम अंसारी* ने जांच की बात कही है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया है कि अवैध मशीनों पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।
इस संबंध में पूछे जाने पर DFO सवा आलम अंसारी ने फोन पर बताया,
“हमारी टीम चांडिल पहुंच चुकी है और जांच कर रही है। जांच के पश्चात कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों ने इस दौरान कई सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि सुफल कुम्हार की आरा मशीन कब से बंद है। वहीं श्यामचंद सिंह तिरपाल लगाकर चिराई का काम करता था, उसकी मशीन को पहले ही जप्त कर लिया गया था।
ग्रामीणों का सवाल है,
“अगर अवैध आरा मशीनें हैं तो किसके निर्देश पर लगाई गईं? मशीन होने के बावजूद उसे जप्त क्यों नहीं किया जा रहा है?” स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अवैध बालू परिवहन के साथ-साथ अवैध आरा मशीनों पर भी तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई हो, ताकि वन संपदा और सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
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