
श्री श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के तत्वावधान में जियलगढा लालबंगला गोविंदपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व भगवान कृष्ण के उपासक कथा व्यास पूज्य श्री सुरेन्द्र हरीदास जी के गरिमामई उपस्थिति में बैण्ड बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। भव्य, दिव्य, विराट, अद्भुत, अतुल्य, अविस्मरणीय भक्तों का धर्म के प्रति प्रेम देखकर महाराज श्री महाराज श्री भावविभोर हो गए। कलश यात्रा में माताओं – बहनों और भाई -बंधुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा बड़ी धूमधाम से निकाली गई। कलश यात्रा में राधे राधे के जोर जोर से जयकारे लगाए गए।

पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज के पावन सानिध्य में 15 से 23 मार्च 2024, स्थान – ग्राम : जियलगढां, लाल बंगला थाना -गोंविदपुर जिला -धनबाद – झारखंड में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।

*जिनके पूर्व जन्म के पाप उदय होते हैं उनका मन कथा में नहीं लगता – पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज

आज कलश यात्रा कथा भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा महामंत्री श्रीमती नीतुशंकर जियलगढा पंचायत मुखिया रेशम कुमारी सुशिला देवी और इस क्षेत्र के मुखिया में हरिदास जी महाराज से सम्मलित हुए जिन्होंने व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया।
दुनिया में अनेक प्रकार के कष्ट हैं इन सभी कष्टों से हमें भगवान ही बचा सकते हैं। भगवान हमें न केवल वहां के कष्टों से बचाते हैं बल्कि मृत्यु के बाद के कष्टों से भी बचाते हैं।
भगवान शिव की पूजा करने से बड़े से बड़ा अनिष्ट दूर हो जाता है।
जब आप खुद के लिए मांगते हो तब भगवान को इतने प्रिय नहीं लगते बल्कि जब आप दूसरों के लिए मांगते हैं तब भगवान को ज्यादा प्रिय लगते हैं।
भगवान की शरणों में आने के बाद मनुष्य को किसी की शरणागति की आवश्यकता नहीं होती। मनुष्य का दुर्भाग्य यही है कि जो हमारी सहायता नहीं करना चाहता हम उसी पास सहायता मांगने जाते हैं।
जिनके पूर्व जन्म के पाप उदय होते हैं उनका मन कथा में नहीं लगता है। और जिनके पूर्व जन्म के पुण्य उदय होते हैं वो हर काम छोड़कर सबसे पहले कथा सुनता है।
मनुष्य को ये कभी नहीं भूलना चाहिए कि कुछ क्षण के सुख के कारण जन्म जन्मांतर के लिए दुःख भोगने पड़ते हैं।
पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने कथा का वृतांत सुनाते हुए कहा की प्रारम्भ में यह की भागवत का महात्यम क्या है ? एक बार सनकादिक ऋषि और सूद जी महाराज विराजमान थे तो उन्होंने ये प्रश्न किया की कलियुग के लोगों का कल्याण कैसे होगा ? आप देखिये किसी भी पुराण में किसी और युग के लोगो की चिंता नहीं की पर कलयुग के लोगो के कल्याण की चिंता हर पुराण और वेद में की गई कारण क्या है क्योकि कलयुग का प्राणी अपने कल्याण के मार्ग को भूल कर केवल अपने मन की ही करता है जो उसके मन को भाये वह बस वही कार्य करता है। और फिर कलियुग के मानव की आयु कम है और शास्त्र ज्यादा है तो फिर एक कल्याण का मार्ग बताया भागवत कथा।रेशम कुमारी , नीतू शंकर नीतीश कुमार गोप, राज किशोर गोप, डॉक्टर तारापद, किशोर राय, प्रदीप राय, उमाकांत वर्मा, अमित कुमार, सुधीर कुमार सिन्हा, आनंद कुमार वर्मा, संजय कुमार, रवि कुमार, विक्की राय,कविता देवी, नगीना देवी,
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