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*सुरार गांव में धूमधाम से मनी अंबेडकर जयंती: बच्चों की प्रतियोगिताओं में दिखी ‘समता और शिक्षा’ की झलक, विजेता सम्मानित

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Apr 15, 2026
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नबीनगर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

औरंगाबाद (बिहार):

संविधान निर्माता भारत रत्न B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती के अवसर पर नबीनगर प्रखंड के सुरार गांव में श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर गांव में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा उनके जीवन, संघर्ष और विचारों को याद किया गया।

बाबा साहेब अंबेडकर समिति, सुरार एवं संचालक धीरज कुमार के संयुक्त तत्वावधान में कक्षा 6 से 9 तक के छात्र-छात्राओं के लिए जीके/जीएस, पेंटिंग, भाषण और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों के बीच बाबा साहेब के विचारों, संविधान और शिक्षा के महत्व को पहुंचाना था। पेंटिंग प्रतियोगिता का विषय “समता और शिक्षा” रखा गया, जिसमें बच्चों ने अपनी रचनात्मकता से समाज में समानता और ज्ञान के महत्व को खूबसूरती से चित्रों में उकेरा।

जीके/जीएस प्रतियोगिता में छात्रों से संविधान और बाबा साहेब के जीवन से जुड़े सवाल पूछे गए, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में मँझियावा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि श्री रमेश सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को डायरी, मेडल, कॉपी, पेन और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

प्रतियोगिता के विजेता:

जीके/जीएस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रितेश कुमार (कक्षा-7), द्वितीय स्थान हर्षिका कुमारी (कक्षा-6) तथा तृतीय स्थान सागर कुमार (कक्षा-8) ने प्राप्त किया। पेंटिंग प्रतियोगित, प्रीची कुमारी, खुशबू कुमारी और साक्षी कुमारी की टीम विजेता रही। वहीं रंगोली प्रतियोगिता में टीम-B की अन्नू कुमारी, अंजलि कुमारी और करिश्मा कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर ने समाज को शिक्षा, समानता और न्याय का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लोगों से बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने और समाज में भाईचारा व जागरूकता बढ़ाने की अपील की।

संचालक धीरज कुमार ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बाबा साहेब के विचारों और संविधान की महत्ता से अवगत कराना था, ताकि नई पीढ़ी शिक्षा और समानता के मार्ग पर आगे बढ़ सके।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, युवक-युवतियां, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।


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