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प्रशांत किशोर की सरकार बनती है तो शराबबंदी जाएगी, नई शिक्षा नीति आएगी

ByAdmin Office

Oct 4, 2024

 

 

बिहार प्रतिनिधि

पटना : जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा है कि उनकी जन सुराज पार्टी सरकार बनने के एक घंटे के अंदर शराबबंदी खत्म कर देगी। इससे जो राजस्व प्राप्त होगा, उसका पूरा उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में होगा। मधुबनी के मनोज भारती को पार्टी का पहला नेता और कार्यकारी अध्यक्ष घोषित कर प्रशांत ने कहा कि जन सुराज पार्टी की सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आएगी। नई शिक्षा नीति हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी होगी।

 

प्रशांत किशोर ने बुधवार को वेटनरी कालेज के मैदान में अपनी पार्टी की औपचारिक शुरुआत की जिसके लिए वो दो साल से पदयात्रा कर रहे थे।

 

प्रशांत ने कहा कि शराबबंदी से हर साल 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है जबकि इस पैसे से शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा काम किया जा सकता है। शिक्षा क्षेत्र में आमूल परिवर्तन के लिए पांच लाख करोड़ रुपए की जरूरत है। शराबबंदी खत्म होने से 20 वर्षों में 4 से 5 लाख करोड़ रुपए आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि पांच सूत्र से बिहार की सूरत बदल सकती है।

 

*प्रशांत किशोर का दलित कार्ड*

 

जन सुराज अभियान की पदयात्रा के दौरान लालू यादव और तेजस्वी यादव पर सबसे ज्यादा हमले करने वाले प्रशांत किशोर ने अब बिहार में दलितों के सबसे बड़े चेहरे चिराग पासवान को निशाने पर ले लिया है।

 

इस पार्टी का पहला नेता और कार्यकारी अध्यक्ष मधुबनी के मनोज भारती को बनाया गया है जो भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अफसर हैं। दलित समुदाय के मनोज भारती को जन सुराज पार्टी का नेता बनाकर प्रशांत ने संकेत दे दिया है कि लालू यादव, तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार के बाद उनका अगला टारगेट चिराग पासवान हैं जो राज्य में दलितों के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं।

 

प्रशांत की पार्टी 2025 में असेंबली चुनाव के फाइनल से पहले नवंबर में विधानसभा की चार सीटों के उप-चुनाव में सेमीफाइल लड़ेगी और पीके के मुताबिक बाकी पार्टियों को दिखाएगी कि कैसे लड़ा और जीता जाता है।

 

महागठबंधन सरकार के दौरान नीतीश कुमार की सरकार द्वारा कराए गए जाति सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 36.01 परसेंट अति पिछड़ा, 27.12 फीसदी अन्य पिछड़ा, 19.65 परसेंट दलित, 15.52 फीसदी सवर्ण और 1.68 परसेंट आदिवासी हैं। रामविलास पासवान के जमाने से दलितों के एक बड़े तबके का वोट उनके परिवार के साथ रहा है। वोटिंग पैटर्न और मिले वोट की व्याख्या के आधार पर माना जाता रहा है कि चिराग पासवान के साथ 6 परसेंट वोट है जो वो अपने साथ लेकर चलते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में 5 सीट लड़ी चिराग की पार्टी लोजपा-रामविलास को 6.47 परसेंट वोट मिला है। 2020 में जब चिराग की पुरानी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) अकेले ही लड़ गई थी तब 135 सीटों के चुनाव में ही उसे 5.66 फीसदी वोट मिल गया था।


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