
सरायकेला : नीमडीह में बन रहे स्टील प्लांट में जमीनदाता नियोजन से वंचित हैं। स्थानीय लोगों ने रोजगार सहित अन्य लाभ पाने के लिए अपनी उपजाऊ भूमि कंपनी के नाम कर दी, लेकिन आज कंपनी के निर्माण के शुरुआती दौर में ही जमींदाताओं को नियोजन से वंचित किया जा रहा है।
एस एम स्टील प्लांट बैठाने के लिए नीमडीह के सात मौजा से लगभग पंद्रह सौ से अधिक लोगों से 12 सौ एकड़ जमीन ली गई। जमीनदाताओं से विभिन्न तरह के प्रलोभन देकर कौड़ियों के भाव से जमीन ले ली गई और नियोजन के समय स्थानीय लोगों को प्लांट के कार्यालय का चक्कर लगवाया जा रहा है।

सोमवार को आदरडीह स्थित सामुदायिक भवन में सप्तग्राम विकास संघ की ओर से आयोजित बैठक में संघ के प्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों के नियोजन के लिए चिंता जाहिर की।

स्थानीय लोगों के नियोजन को लेकर संघ ने सूची तैयार कर जल्द एस एम स्टील को सौंपने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में सप्तग्राम विकास संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी प्रबंधन से मिलकर जमीनदाताओं को जल्द रोजगार के साथ जोड़ने का आग्रह किया।
सप्तग्राम विकास संघ के अध्यक्ष जयंत कुमार रजक ने बताया कि कंपनी के लिए जब जमीन ली जा रही थी, तब स्थानीय लोगों को विभिन्न तरह के प्रलोभन देकर जमीन ली गई, लेकिन आज यहां के स्थानीय लोगों को नियोजित न करके कंपनी द्वारा बाहरी लोगों को नियोजित करके कंपनी का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर विकास की परिभाषा स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित करना है, तो ऐसा विकास हमें नहीं चाहिए। नीमडीह के लोगों ने जमीन दी है, तो रोजगार भी यहीं के लोगों का होना चाहिए।
कंपनी प्रबंधन ने अग्रिम तौर पर स्थानीय लोगों को रोजगार से नहीं जोड़ा, तो जल्द ही संघ द्वारा निर्णय कर कंपनी निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने में बाध्य होंगे।
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