
औरंगाबाद से अविनाश कुमार की रिपोर्ट
औरंगाबाद। किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी मजबूर परिवार का हाथ थामना और किसी महिला को अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला देना—समाजसेवा की असली पहचान यही है। औरंगाबाद जिले में उत्तम देवी जी सामाजिक सेवा और नारी सशक्तिकरण की इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।

उत्तम देवी जी का मानना है कि महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारी निभाने वाली नहीं, बल्कि समाज और देश के निर्माण की मजबूत शक्ति हैं। यदि महिला को सम्मान, शिक्षा, अवसर और सहयोग मिले, तो वह अपने परिवार के साथ-साथ पूरे समाज की दिशा बदल सकती है।

इसी सोच के साथ वे नारी सम्मान, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंद परिवारों की मदद को अपनी सामाजिक प्राथमिकताओं में शामिल करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को अकेलापन महसूस न हो और मुश्किल समय में उन्हें किसी न किसी रूप में सहयोग और हौसला मिल सके।
‘एक महिला मजबूत होगी, तो पूरा परिवार मजबूत होगा’
उत्तम देवी जी के विचारों में नारी सशक्तिकरण केवल एक शब्द नहीं, बल्कि समाज को आगे बढ़ाने का माध्यम है। उनका कहना है कि जब किसी महिला के हाथ में आत्मनिर्भरता आती है, तो उसके बच्चों का भविष्य भी मजबूत होता है और परिवार में आत्मविश्वास बढ़ता है।
वे महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने, शिक्षा को महत्व देने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही उनका मानना है कि समाज के संपन्न और सक्षम लोगों को जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना चाहिए, ताकि कोई परिवार मजबूरी के कारण पीछे न रह जाए।
सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उत्तम देवी जी का कहना है कि सरकार द्वारा गरीबों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जरूरत इस बात की है कि इन योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उनका मानना है कि सरकार और समाज, दोनों मिलकर काम करें तो गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
सेवा में सम्मान, सम्मान में अपनापन
उत्तम देवी जी की सोच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जरूरतमंद व्यक्ति की मदद केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उसके साथ सम्मान, अपनापन और भरोसे के साथ खड़ा होना भी उतना ही जरूरी है।
उनके लिए समाजसेवा किसी प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता के प्रति जिम्मेदारी का भाव है। यही सोच उन्हें महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के बीच अपनी सामाजिक पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
औरंगाबाद की धरती पर नारी सम्मान, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों के सहयोग की यह सोच निश्चित रूप से समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश देती है।
क्योंकि—
“एक हाथ जो किसी मजबूर का सहारा बन जाए,
एक आवाज जो किसी महिला के हक के लिए उठ जाए,
और एक कदम जो समाज को बेहतर बनाने के लिए आगे बढ़ जाए—
वही सच्ची समाजसेवा है।”
इसी भावना के साथ उत्तम देवी जी नारी शक्ति और जरूरतमंदों के सम्मान की आवाज को मजबूती देने का प्रयास कर रही हैं।
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