
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी बराकर कल्याणीश्वरी रोड स्थित अग्रसेन भवन में रविवार की शाम को अग्रसेन महराज की जयंती मनाई गई। जहा उन्की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया ।

इस दौरान बराकर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल ने महाराज अग्रसेन के बारे में कहा कि

महाराज अग्रसेन प्राचीन भारत के एक महान, दयालु और न्यायप्रिय राजा माने जाते हैं। वे अग्रोहा नगरी के शासक थे और उन्हें अग्रवाल समाज का आदिपुरुष माना जाता है। उनका जीवन सेवा, समानता और सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित था।
मुख्य बातें : उन्होंने अपने राज्य में अहिंसा, व्यापार और परोपकार को बढ़ावा दिया। उनका प्रसिद्ध सिद्धांत था — “एक ईंट और एक रुपया”, यानी हर नया परिवार बसाने में पूरा समाज मदद करे। वे मानते थे कि सच्ची समृद्धि तभी है जब समाज का हर व्यक्ति सुखी हो। अग्रवाल समाज के 18 गोत्रों की स्थापना भी उनसे जुड़ी मानी जाती है।
उनके आदर्श महाराज अग्रसेन ने सिखाया कि दूसरों की मदद करना सबसे बड़ा धर्म है। समानता और भाईचारा समाज को मजबूत बनाते हैं। धन का सही उपयोग सेवा और भलाई में होना चाहिए।
निष्कर्ष: महाराज अग्रसेन केवल एक राजा नहीं, बल्कि मानवता, सहयोग और सद्भावना के प्रतीक थे।
आज भी उनका जीवन हमें प्रेम, दया और सेवा का मार्ग दिखाता है। इस अवसर पर शिव कुमार अग्रवाल, मिठू माधोगड़िया, सुशील अग्रवाल, बालमुकुंद अग्रवाल, दिलीप केडिया समेत समाज के कइ लोग उपस्थित थे ।
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