

कथा में “नो तिलक, नो एंट्री।” का नियम बनाया गया है। जिसका सभी भक्तों ने पूरे भाव, अनुशासन और सनातनी गौरव के साथ पालन किया। कथा पंडाल में उपस्थित प्रत्येक भक्त तिलक धारण किए हुए दिखाई दिया, जिससे संपूर्ण पंडाल भक्ति, संस्कृति और सनातन चेतना के दिव्य रंग में रंग गया।
कथा में गोवर्धन परिक्रमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर भक्तों ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरा कथा पंडाल भजन-कीर्तन, जयकारों और भक्तिमय वातावरण से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने गिरिराज महाराज के चरणों में अपनी आस्था अर्पित करते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। भक्ति , उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण इस महोत्सव ने सभी भक्तों के हृदय को आनंद और श्रद्धा से भर दिया।

हम स्वयं अपने तीर्थों की पवित्रता को आहत कर रहे हैं। जब तीर्थों की मर्यादा भंग होती है, तो उनकी दिव्यता भी धीरे-धीरे ओझल होने लगती है। तीर्थों को तीर्थ ही रहने दें। वहाँ की पवित्रता, अनुशासन और धार्मिक मर्यादा का सम्मान करें। जब हम श्रद्धा, शुचिता और सदाचार के साथ तीर्थ यात्रा करेंगे, तभी तीर्थ की दिव्यता अक्षुण्ण रहेगी और हमारी यात्रा भी वास्तव में सफल होगी।

हर सनातनी को अपने बच्चों का नाम भगवान के नाम पर रखना चाहिए। जब किसी बच्चे का नाम भगवान के नाम पर रखा जाता है, तो उस नाम का स्मरण स्वयं भगवान के नाम-स्मरण के समान पुण्यदायी बन जाता है। माता-पिता दिन में अनेक बार अपने बच्चे का नाम पुकारते हैं। यदि वह नाम भगवान का होगा, तो अनजाने में भी बार-बार भगवान का स्मरण होता रहेगा और घर का वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।
प्रत्येक बच्चे का सबसे पहला धर्म अपने माता-पिता का सम्मान करना और उनकी सेवा करना है। जीवन में कभी भी ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे माता-पिता का हृदय दुखे। न अपने व्यवहार से, न अपनी वाणी से और न ही अपने कर्मों से उन्हें कष्ट पहुँचाना चाहिए।
माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु हैं, जिन्होंने स्वयं अनेक कठिनाइयाँ सहकर हमें प्रेम, संस्कार और शिक्षा प्रदान की है।। इस कथा को सफल बनाने में मंतोष साधू बाबा,तपन कुमार गोप सधर्मपत्नी श्रीमती पारूल देवी विनोद महतो सधर्मपत्नी ऊतरा देवी, कमलेश गोप, धीरेन चंन्द्र महतो ,अजीत झा, महेंद्र प्रसाद, अमरजीत सिंह,, राजकिशोर गोप,हरिभजन गोप,नितेष गोप, श्री राम सिंह,अवधेश गिरी,शिवपुजन गोप,आदि समस्त साबलपुर गोसाईडीह जियलगढा पंचायत के लोगों के सहयोग किया जा रहा है।कल दिनांक 25/07/2026 दिन शनिवार को महारास और रूक्मणी कृष्ण विवाह बहुत ही धुमधाम से मनाया जाएगा।
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