
सरायकेला : ईचागढ़ के पांड्रा मध्य विद्यालय में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मंगलवार को अत्यंत गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रांगण में विधिवत दीप प्रज्वलन के साथ किया गया,

जिसके पश्चात उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं बैच प्रदान कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।कार्यक्रम का समापन केक कटिंग के साथ किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गीत, भाषण एवं नृत्य के माध्यम से उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक चेतना एवं समानता के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया और प्रतिभागी विद्यार्थियों की सराहना की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक रबिन्द्र नाथ मछुआ ने कहा कि
डॉ. अंबेडकर न केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार थे, बल्कि वे सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के सशक्त पक्षधर भी थे।उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को आत्मसात करने तथा शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर प्रधानाध्यापक गजाधर बैठा, शिक्षकगण, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मृत्युंजय गोप वीरेंद्र नाथ महतो, नरोत्तम गोप, सहित कई गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
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