• Sat. Apr 18th, 2026

चाईबासा नो इंट्री मामले को लेकर राज्यपाल से की आंदोलन समिति के प्रतिनिधियों ने मुलाकात

admin's avatar

Byadmin

Apr 17, 2026
crescent ad

 

 

चाईबासा :नो इंट्री आंदोलन समिति चाईबासा कोल्हान के प्रतिनिधियों की शिष्टाचार मुलाकात सह बैठक शुक्रवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से लोकभवन रांची में हुई। इस दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने चाईबासा क्षेत्र में नो इंट्री की व्यवस्था को लागू करने तथा ग्रामीणों के न्यायपूर्ण अधिकारों की रक्षा हेतू केस वापस करने हेतु ठोस कदम उठाने की मांग की। मुलाकात के दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, ग्रामीणों की समस्याओं तथा नो इंट्री आंदोलन के औचित्य के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

 

इस दौरान राज्यपाल ने समिति की मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले में मुलाकात कर शीघ्र मिलने को कहा। मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के उपायुक्त चंदन कुमार से दूरभाष पर संपर्क कर वर्तमान परिस्थिति की जानकारी ली और शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया। साथ ही चाईबासा के विधायक सह परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ से भी फोन बात करने की कोशिश की। राज्यपाल से मिलने के बाद संयोजक रमेश बालमुचू ने जानकारी दिया कि राज्यपाल की सकारात्मक प्रतिक्रिया से समिति को आशा बंधी है। कोल्हान क्षेत्र के ग्रामीणों के लंबे समय से लंबित न्यायपूर्ण मांगों पर शीघ्र ध्यान दिया जाएगा।

 

क्या है मामला

 

कोल्हान के चाईबासा शहर का बाईपास एमडीआर 177 में सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए नो एंट्री लगाने की मांग को लेकर 27 सितंबर 2025 को मंत्री दीपक बिरुवा को मांग पत्र दिया जाना था। जिसमें हजारों लोग तम्बो चौक चाईबासा में हजारों लोग जुटे थे। जिसके बाद आंदोलनकारी और पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी। जिसके बाद मंत्री के आवास के समीप अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने, सरकारी कार्य में बाघा पहुंचाने और पुलिस पर पथराव करने के आरोप में 16 लोगों को लोगों को जेल भेजा गया था। जबकि 73 नामजद और 500 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुफस्सिल थाना में 28 सितंबर को मामला दर्ज किया गया था।

 

ये हैं मांगे

 

1.चाईबासा “नो एंट्री” 2025 लाठीचार्ज मामले में सभी स्थानीय ग्रामीणों पर लगाए गए समस्त मुकदमे (155/2025 और 171/2025) तुरंत वापस लिए जाएँ।

2. एमडीआर-177 (चाईबासा बाईपास), एएच-75ई एवं एनएच-220 पर नो एंट्री नियम लागू किया जाए।

3.घायल ग्रामीणों को उचित चिकित्सा सहायता एवं अन्य क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए।

4.लाठीचार्ज की घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की जाए।

5.भविष्य में स्थानीय जनता की ऐसी न्यायोचित मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से सुनने तथा समाधान निकालने का स्थायी तंत्र विकसित किया जाए।

 

समिति ने लिया है पैदल न्याय यात्रा का निर्णय

संयोजक रमेश बालमुचू ने जानकारी दिया कि मांगो को पूरा कराने के लिए आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। आगामी 26 अप्रैल से 1 मई तक चाईबासा से रांची मुख्यमंत्री आवास तक पैदल न्याय यात्रा होगी। जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होंगे। नो इंट्री आंदोलन समिति कोल्हान पूरे कोल्हान क्षेत्र के आदिवासी-ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है।

 

प्रतिनिधि मंडल में ये थे शामिल

 

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से से मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में समिति के संयोजक रमेश बालमुचू, महेंद्र जामुदा, रवि बिरुली, रेयांस सामड, साधु बानरा, उषारानी सवैयां और सुमी लागूरी थे।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *