
*सरायकेला:* सरायकेला के गुंडिचा मंदिर प्रांगण में आयोजित सांस्कृतिक संध्या श्रद्धा, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अनुपम संगम बन गई।
कार्यक्रम का आयोजन श्री जगन्नाथ मेला समिति के सांस्कृतिक सचिव रूपेश साहू के विशेष प्रयास, कुशल समन्वय एवं प्रभावी मंच संचालन में किया गया।

नटराज कला मंदिर के मुन्ना जी, विजया जी एवं रेखा जी के कुशल निर्देशन में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने *भगवान श्री जगन्नाथ* को समर्पित भक्ति एवं धार्मिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। बच्चों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति और अनुशासित प्रस्तुति से पूरा गुंडिचा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

इसी क्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक रमन प्रधान द्वारा प्रस्तुत “नीलांचल धाम” ओड़िआ भजन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में विश्वविख्यात सरायकेला छऊ परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले छऊ मुखौटा गुरु एस.एन. अवार्डी सुशांत महापात्र को नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष एवं श्री जगन्नाथ मेला समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी द्वारा मंच पर अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर *मनोज कुमार चौधरी* ने कहा कि _”सरायकेला की लगभग 350 वर्ष पुरानी रथ यात्रा हमारी गौरवशाली धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यह झारखंड का दूसरा सबसे बड़ा रथ मेला है, जिसकी पहचान भव्यता के साथ-साथ अनुशासन, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे से भी है।”_
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से *मेले की गरिमा, स्वच्छता एवं अनुशासन* बनाए रखने की अपील की। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों, कलाकारों, प्रशिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम की सफलता में उपाध्यक्ष गोविंद साहू एवं सचिव छोटे लाल साहू का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में दिनेश साहू, रितिक साहू, रोशन साहू, मुकेश साहू सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
