
जानकारी के मुताबिक, अप्रैल के आखिरी हफ्ते में यह ट्रेन हटिया से हावड़ा तक अपने सफर के दौरान ट्रैक पर दौड़ती नजर आएगी. 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली यह ट्रेन महज 5 घंटे के अंदर हटिया से हावड़ा तक अपना सफर पूरा करेगी. इसको लेकर रांची रेल मंडल की ओर से तैयारियां आखिरी चरण में है.रेलवे की ओर से बताया गया कि वंदे भारत ट्रेन रांची रेल मंडल को पहले ही मिल जाती; लेकिन यूक्रेन और रूस के बीच जारी लड़ाई की वजह से इस मिशन में थोड़ी देरी आई. दरअसल, इस ट्रेन का पहिये का निर्माण यूक्रेन में ही हो रहा है. जबकि पूरी ट्रेन के बाकी हिस्से का निर्माण भारत में ही हो रहा है. रांची के बीजेपी सांसद संजय सेठ ने जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के कारण वंदे भारत ट्रेन मिलने में देर हुई हैं. क्योंकि यूक्रेन में ही वंदे भारत ट्रेन के पहिये का निर्माण किया जा रहा है. ऐसे में मई में यह ट्रेन रांची रेल डिवीजन में अपने मिशन पर नजर आएगी. हालांकि रेलवे के अधिकारी इस पर अभी बहुत कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं.हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार, वंदे भारत रांची से शाम को तो हावड़ा से सुबह में खुलेगी. फिर इसका ठहराव दुर्गापुर में होगा. इसके बाद ट्रेन आसनसोल, धनबाद, चंद्रपुरा, बोकारो और मुरी स्टेशन पर रुकेगी. रांची के बीजेपी सांसद संजय सेठ ने बताया कि यात्रियों का इंतजार अगले 4 महीनों में खत्म हो जाएगा. उन्होंने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस का पहिया यूक्रेन से आता है. लेकिन, लंबे समय से यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के कारण ट्रेन का पहिया यूक्रेन से भारत नहीं आ सका था. मगर अब समस्या धीरे-धीरे खत्म हो रही है.
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