
सरायकेला पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार की अध्यक्षता में पुलिस लाइन के मीटिंग हॉल में एनडीपीएस एक्ट के मामलों में बेहतर जांच के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया. मीटिंग में एनडीपीएस के मामले को अनुसंधान की गुणवत्ता को कैसे बढ़ाना हैं उस पर चर्चा की गई. उप पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार वत्स ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि एनडीपीएस एक्ट के मामलों में किस तरह से जांच करनी है ताकि अपराधी कोर्ट से बरी न हो पाए. पुलिस कड़ी मस्कत एवं चालाकी से नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले को पकड़ती है. जिससे अपराधी को सजा मिल सके.
मादक एवं द्रव्य पदार्थ अधिनियम के अनुसार जो प्रावधान दिए गए हैं, उनके अनुसार जांच की जाए ताकि केस को कोर्ट में मजबूती से रखा जा सके. सेमिनार में उपस्थित पुलिस अनुसंधान अधिकारियों को मादक पदार्थ अधिनियम अपराध की बारीकियों के बारे में अवगत कराया गया. अनुसंधानकर्ता को कानून द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार अनुसंधान कर आरोपियों को सजा दिलाने की बारीकियों से रूबरू कराया गया ताकि मानव जीवन के लिए अभिशाप बने इस नशा को समाज में जड़ से खत्म किया जा सके. इस दौरान जिले के थाना प्रभारी और अन्य जांच अधिकारियों को बताया गया कि किस-किस साक्ष्य को जुटाना जरूरी है और इस एक्ट में जो भी नियम बनाए गए हैं, उनके दायरे में रहकर जांच की जाए. जिससे अपराधि पुलिस की गिरफ्त से बचना सके . इस मीटिंग में उप पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार वत्स, चांडिल एसडीपीओ संजय सिंह, जिले के वरीय पदाधिकारी एवं पुलिस गण मौजूद रहे.
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