

झारखंड में पुरानी पेंशन योजना से जुड़ी एक बड़ी खबर है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने बुधवार को इन विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने को लेकर एसओपी जारी कर दिया है। दरअसल राज्य में कार्यरत 836 गैर सरकारी सामान्य सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) प्रारंभिक विद्यालयों तथा 134 गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना है।

पिछले दिनों राज्य सरकार ने कैबिनेट ने इस फैसले पर मुहर लगायी थी। कैबिनेट ने फैसला लिया था कि एक दिसंबर 2004 से 30 अगस्त 2022 तक नियुक्त शिक्षकों एवं कर्मियों के पास यह विकल्प होगा कि वह पुरानी या नई पेंशन योजना में से किसी एक का विकल्प चुन सके। इसे लेकर उन्हें शपथपत्र देना होगा। लिहाजा अब विभाग की तरफ से इसे लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
इन कर्मचारियों को देना होगा शपथ पत्र
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इन विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने को लेकर एसओपी जारी कर दिया। इसके तहत वित्त विभाग द्वारा जारी संकल्प के आलोक में इन विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मियों को एक सितंबर 2022 के प्रभाव से पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा।सभी शिक्षकों एवं कर्मियों को यह शपथपत्र देना होगा कि वे पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेना चाहते हैं या नई पेंशन योजना में ही बना रहना चाहते हैं।
साथ ही साथ यह भी शपथपत्र देना होगा कि उन्हें विभाग द्वारा जारी एसओपी की शर्तों को स्वीकार है तथा वे अतिरिक्त वित्तीय दावा नहीं करेंगे। पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने पर उन्हें एक दिसंबर 2004 से पूर्व नियुक्त कर्मियों की भांति भविष्य निधि का लाभ मिलेगा।
नई पेंशन योजना में बने रहने पर विभाग द्वारा 10 जून 2022 को जारी संकल्प के नियमानुसार लाभ देय होगा। ई-पेंशन आवेदन की प्रक्रिया के लिए संबंधित शिक्षकों एवं कर्मियों को पूर्व की तरह माइनर आइडी जारी किया जाएगा। बताते चलें कि राज्य सरकार ने अपने सभी कर्मियों के लिए एक सितंबर 2022 के प्रभाव से पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है.
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