
गम्हरिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष फूलकांत झा ने एमएमडीआर बिल को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी पूर्व मुख्यमंत्री माटीपुत्र हैं और उन्हें राज्य की लगभग चार करोड़ जनता की आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी राय सार्वजनिक करनी चाहिए।
फूलकांत झा ने कहा कि एमएमडीआर बिल का सीधा असर राज्य के बच्चों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि खनिज मद, सेस एवं अन्य मदों की करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये की राशि लंबित रहने से राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इसका असर वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मैया सम्मान योजना, सर्वजन पेंशन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और निविदा आधारित कर्मियों के वेतन भुगतान पर भी पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, मधु कोड़ा तथा चंपई सोरेन समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ने की अपील की।
झा ने कहा कि झारखंड के विकास और जनता के हितों की रक्षा के लिए सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को एकजुट होकर गंभीर पहल करनी चाहिए।
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