
अंतर्कथा प्रतिनिधि
जमुई झाझा-: विद्या,ज्ञान और सात्विकता की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की आराधना हर्षोल्लास के साथ प्रखंड क्षेत्र मे लोगों के द्वारा की गई। माघ शुक्ल पंचमी जिसे बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। बुधवार की सुबह सभी पूजा पंडालों में मां सरस्वती की पट खोला गया। सुबह से ही सरस्वती पूजा को लेकर लोगो में काफी उत्साह देखा गया। जगह जगह सुंदर एवं आकर्षक पंडालों मे मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई तो वही शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं के द्वारा मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर प्रसाद का भोग लगाते हुये लोगों ने विद्या की देवी मां सरस्वती से बुद्धि,ज्ञान प्राप्ति की मनोकामना किया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि मां सरस्वती विद्या की देवी मानी जाती है और विद्या के बिना ज्ञान मनुष्य अज्ञानी होता है।शहर के रेलवे काॅलौनी, पिपराडीह, बाबूबांक,सोहजाना,बसस्टैंड,पुरानी बाजार सहित पूरे प्रखंड क्षेत्र में सरस्वती पूजा का एक अलग माहौल लोगों मे दिखाई दिया। बदले मौसम और रिमझिम बारिश में छात्र-छात्राओं के अलावे बच्चों के साथ बड़े लोगों मे सरस्वती पूजा का एक अलग ही उमंग दिया दिया। मौसम खराब रहने पर भी लोग बारिश की परवाह न कर भक्ति में डुबे नजर आये। जगह जगह पूजा पंडाल को आकर्षक रूप दिया गया और पंडालों मे मां सरस्वती की गीत सुनाई दिया और देर दोपहर तक पूजा अर्चना का कार्यक्रम श्रद्धालुओ के द्वारा होते दिखाई दिया।

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