
*सहरसा :* खुशबू झा सहरसा के पटुआहा की रहने वाली हैं. यह युवा लेखिका ने इस उम्र में भी सहरसा और बिहार का नाम रौशन कर रही हैं. वुमेन लीडरशिप फोरम से युवा लेखिका के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए इन्हें विगत दिनों ‘वुमेन लीडर अवार्ड इन लीडरशिप’ से सम्मानित किया गया. दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में खुशबू झा को उनकी पुस्तक ‘टॉक टू योर सोल के लिए उन्हें यह महत्वपूर्ण सम्मान प्रसिद्ध लेखक इकबाल दुर्रानी के हाथों प्राप्त हुआ. उन्हें इसी पुस्तक के लिए 2017 में ‘अटल मिथिला सम्मान मिला था. 2018 में वह पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी के हाथों सम्मान पा चुकी हैं.
*दूसरी पुस्तक की रचना*
फिलहाल वह अपनी दूसरी पुस्तक की रचना में व्यस्त हैं. दिसम्बर 2023 तक उसे प्रकाशित करने की उनकी योजना है. खुशबू झा को इतनी कम उम्र में मिल रहे ऐसे सम्मान से सहरसा के लोगों में काफी हर्ष है. ‘टॉक टू योर सोल’ किताब जीवन के विभिन्न स्तरों पर व्यक्तिगत अनुभव के संबंध में है. यह लोगों को स्वयं के बारे में जानने की शिक्षा देती है. खुशबू झा की इच्छा है कि लोग इस किताब के जरिये अपनी भावनाओं को बदलें. पटुआहा निवासी लाल झा की पौत्री और भाघवा निवासी मुंशी जी नतिनी खुशबू झा के पिता सुशील कुमार झा कंस्ट्रक्शन के कारोबार से जुड़े हैं. मां शांति देवी गृहिणी हैं. भाई सूरज झा खुशबू झा की इस कामयाबी से काफी प्रभावित हैं.

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