
धनबाद निबंधन कार्यालय में निदेशालय परियोजना भूमि एवं पुनर्वास कार्यालय धनबाद द्वारा अर्जित भूमि का आये दिन निबंधन हो रहा है । मिली जानकारी के मुताबिक धनबाद अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज रिपोर्ट हो रही है । भू माफिया गलत कागजात बनाकर अर्जित जमीन को धड़ल्ले से बेच रहे हैं एक दूसरे के सांठगांठ से अर्जित जमीन को बेचकर भू माफिया और अधिकारी मालामाल हो रहे हैं । वही दूसरे ओर लोग अर्जित जमीन को खरीद कर ठगे भी जा रहे हैं । जांच के बाद पता चलता है कि यह जमीन अर्जित की गई है । इस परिस्थिति को देखकर झारखंड मुक्ति मोर्चा यू के धनबाद महानगर अध्यक्ष जेपी वालिया ने धनबाद मुख्य सचिव झारखंड सरकार रांची को उपायुक्त के माध्यम से पत्र लिखकर झारखंड सरकार के जमीन को बचाने की गुहार लगाई एवं गुमराह कर रहे भू माफियाओं से आम जनता को बचाने का गुहार लगाई। इस संदर्भ में झारखंड मुक्ति मोर्चा यू के महानगर अध्यक्ष जेपी वालिया ने प्रेस को बताया कि माननीय मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार, रांची का ध्यान धनबाद अंचल के मौजा-कोलाकुसमा, मौजा नं0-12, खाता नं0-01. प्लॉट नं0-156 और 157 की ओर दिलाते हुए कहना चाहता हूँ कि, प्लॉट सं0-156 (एक एकड़ दस डिसमिल) जो गैर आबाद खाता की जमीन है और प्लॉट नं0-157 की दस डिसमिल जमीन रैयती है । चूंकि उक्त सरकारी जमीनों को जालसाजी कर जाली कागजात तैयार कर महेन्द्र सिंह, पिता-अवतार सिंह द्वारा अपनी दावेदारी प्रस्तुत करते हुए अपनी पुत्री बलवेन्द्र कौर के माध्यम से राजेश सिंह पर एक मुकदमा धारा-144 का धनबाद अनुमण्डल पदाधिकारी के न्यायालय में दायर किया गया और दोनों ने संलिप्त होकर एक साजिश के तहत उक्त प्लॉट सं0-156 की गैर आबाद खाता की जमीन को अपना बताते हुए राजेश सिंह उर्फ पम्मी सिंह को 1,50,00,000/- (एक करोड पचास लाख रूपये) में उक्त जमीन का सौदा कर आपस में समझौता करते हुए इनलोगों ने सरकार के गैर आबाद खाता की जमीना को बेचने का काम किया । जबकि, महेन्द्र सिंह, पिता स्व० अवतार सिंह के दस्तावेज और डीड की जांच करवाई जाय और उक्त जमीन का नापी कराते हुए सच्चाई का पता लगाया जाय और जो कार्य उक्त जमीन पर शुरू किये गये हैं और जे०सी०बी० लगाकर उसे समतल किया जा रहा है, उपरोक्त संदर्भ में उन्होंने प्रेस के माध्यम से उसपर रोक लगाने की गुहार लगाई । उन्होंने बताया कि सरकार की जमीन को बचाने का काम किया जाय एवं उक्त फर्जी दस्तावेजों को देखते हुए जालसाजों पर कानूनी कार्रवाई की जाय। ताकि सरकार की खाता सं0-156 गैर आबाद खाता की जमीन को लूटने से बचाया जा सके। उक्त जमीन में धारा-144 के दस्तावेज संलग्न करते हुए माननीय से जांच और कार्रवाई का आग्रह करते हुए उक्त जमीन पर हो रहे कार्य को रूकवाने व कार्रवाई हेतु आग्रह किया है।

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