
धनबाद:श्री श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के तत्वाधान में आयोजित कार्मिक नगर में अष्ट दिवसीय श्री मद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान गंगा यज्ञ में सुरेंद्र हरिदास महाराज के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का मंगलवार को चर्तुथ दिवस की शुरूआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई । जिसके बाद सुरेंद्र हरिदास महाराज ने सभी भक्तगणों को “प्रेम जब अनंत हो गया मेरा रोम रोम संत हो गया देवालय बन गया बदन मेरा रोम रोम संत बन गया भजन श्रवण कराया ।कथा के प्रारम्भ में महाराज जी कहते हैं कि मनुष्य अगर अपनी गति स्वयं जानने का प्रयास न करें तो उसकी दुगर्ति होती है, मनुष्य जीवन को ही ये समझ है कि हम क्या करें और क्या न करें, लेकिन दुर्भाग्य ये है कि भगवान ने इतना बुद्धि और विवेक दिया है, किन्तु मनुष्य उसका प्रयोग नहीं करता है।फिर आगे कहते हैं कि भरत जी महाराज के प्रसंग में उनके तीन जन्मों का वर्णन है, जो लोग ये कहते हैं कि हम नहीं मानते है ये सब पुरानी बातें है कि नया जन्म होता है पुराना जन्म होता है हम इन बातों पर विश्वास नहीं करते हैं, लेकिन इन बातों पर आप सभी विश्वास कर लीजिए. शास्त्रों में जो वर्णित है, वेद व्यास जी महाराज साक्षात भगवान के ही अवतार है जो व्यास बनकर जनता के कार्य करने लिए आएं. भगवान ने श्रृष्टि बना दी और भगवान ने नियम भी बना दिए, अब आप सब तक उन नियमों को कौन पहुंचाएगा ? फिर आगे महाराज जी सवाल पूछते हैं कि भगवान ने नियम तो बना दिया लेकिन उन नियमों को कोई न कोई तो तुम सब तक पहुंचाएगा. इसलिए स्वयं भगवान,व्यास बनकर आए, और उन्होंने सारे पुराणों के माध्यम से वेदों का विभाजन किया और फिर शास्त्रों के माध्यम से बताया कि भगवान के नियम क्या-क्या हैं ?।आगे महाराज जी कहते हैं कि हमारे देशों-प्रदेशों में जो कानून बनाए जाते है वो गलत हो सकते है परन्तु परमात्मा के बनाए कोई नियम कभी गलत नहीं हो सकते है, परमात्मा के बनाए हुए नियम आपके हित के लिए ही होते है. लेकिन तकलीफ इस बात की है कि हमें समझ नहीं है कि हम सब जानबूझकर अज्ञानी बने बैठे है, ये जानते हुए कि हमें हर एक कर्म का फल भुगतना ही होगा। चतुर्थ दिन मंगलवार की कथा में वामन भगवान राजा बलि की कथा विस्तार से बताया कैसे दैत्य कुल में जन्म लेने वाले राजा बलि अपना सबकुछ भगवान श्री हरि को दान में दे दिया बड़ी धूम धाम झांकी निकाला गया और सभी भक्तों ने झूमते हुए पूज्य महाराज जी से सानिध्य में इस उत्सव का आंनद लिया, कल कथा में कृष्ण की बाल लीलाओं की कथा श्रवण करायी जायेगी। सभी भक्तों से महाराज जी ने पीले वस्त्र धारण कर कथा पांडाल में आने बोले है।इस कथा को सफल बनाने वालो में सत्यदेव साव, बनारसी चौरसिया, मुरली अग्रवाल, उपेन्द्र मंडल, संतोष कुम्हार, अमित सिंह, लालटू चौधरी,राजू सिंह, विवेक सिंह, रोहित साव, आदि मौजूद थे।

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