
संवादाता :नरेश विश्वकर्म

बंगाली समुदाय के लोगों द्वारा रविवार को कोजागरी लक्खी पूजा धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बंगाली समाज के लोग मां की प्रतिमा मंडप, मन्दिर व घरों में स्थापित करते है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर लक्खी पूजा की जाती है। वही साशनबरिया में पिछले 54 साल से मां लक्खी की पूजा की जाती रही है। इसमें सभी ग्रामीणों का काफी सहयोग रहता है। पूजा समाप्ति के बाद आयोजकों द्वारा पूरी, खीर, बुंदिया प्रसाद का वितरण किया जाता है।

आम तौर पर दीपावली के दिन देश में लक्ष्मी पूजा की जाती है. इस दिन गणेश और लक्ष्मी की पूजा की जाती है. लेकिन शरद पूर्णिमा के दिन बंगाली समाज लक्ष्मी पूजा मनाते हैं. जिसे लक्खी पूजा भी कहा जाता है. इस दिन लक्ष्मी के साथ-साथ नारायण की पूजा की जाती हैं।
चाचा बढ़िया निवासी विपिन माझी ने बताया कि दुर्गा पूजा की समाप्ति के बाद से ही लक्खी पूजा की तैयारी शुरू कर दी जाती है। इस पूजा में विभिन्न प्रकार के फल चढ़ाएं जाते है। घर मे धन, सुख व शांति रहे इसके लिए बंगाली समाज मे इसकी पूजा की जाती है।
विपिन माजी, दुलाल माजी, सुबोध गोप, मलय गोप, सूरज, बबलू माजी, पवन माजी, परिमल माजी, देवाशीष गोस्वामी,संजय माजी आदि
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