
धनबादः इस बार श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा एवं काली पूजा समिति गया पुल रांगाटांड में मिट्टी के टाली व बंगाली गमछा के आकर्षक पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। पंडाल का निर्माण बंगाल मेदिनीपुर के यूनिक डेकोरेटर एंड गैलरी के कारीगर निर्माण कर रहे हैं। जिसका बजट करीबन 5 लाख है। बताया गया कि पंडाल के बाहर का दृश्य मिट्टी के टाली से बनाया जाएगा। एवं पंडाल के अंदर 4 हजार गमछा एवं एक सौ पीस मिट्टी के घड़ा का प्रयोग किया जाएगा। घड़ा के ऊपर आकर्षक तरीके से विद्युत दीपक जलता हुआ रहेगा। जिससे अंदर का दृश्य अद्भुत दिखेगा। समिति के सक्रिय सदस्य के रूप में अविनाश कुमार, सचिन बंसल, जगमोहन भाटिया, पप्पू मित्तल, बसंत यादव, सुंदर गांधी, संजय साव आदि है।

-1956 से किया जा रहा है पूजा का आयोजनः
पूजा समिति के अध्यक्ष विपिन कुमार अग्रवाल ने बताया कि 1956 में पूजा की शुरुआत की गई थी। उस वक्त रेलवे में कार्य करने वाले बंगाली कर्मचारी व पदाधिकारियों ने पूजा की शुरुआत की थी। तब से लेकर
आज तक बंगाली रीति रिवाज से मां दुर्गा की पूजा की जा रही है। पुजारी मलय कुमार मुखर्जी के सानिध्य में पूजा संपन्न की जाएगी। इससे पूर्व मलाय कुमार मुखर्जी के पिताजी स्वर्गीय अजीत कुमार मुखर्जी मां दुर्गा की पूजा संपन्न करते थे।

-मां दुर्गा को सोना व चांदी के आभूषण से किया जाता है श्रृंगारः
बताया गया कि पूजा में मां दुर्गा को श्रृंगार करने के लिए कान, नाक, गला में सोने के आभूषण से श्रृंगार किया जाता है। इसके अलावा पैरों में चांदी के पायल पहनाकर पूजा किया जाता है। विसर्जन से पहले सोने व चांदी के आभूषण को सुरक्षित तरीके से अगले वर्ष के लिए रख दिया जाता है।
वर्जनः
यहां प्रत्येक वर्ष आकर्षक व भव्य तरीके से पंडाल निर्माण किया जाता है। पूजा में दूर-दूर से लोग आकर शामिल होते हैं सहयोग के साथ प्रसाद भी चढ़ाते हैं। भक्तों के बीच चारों दिन प्रसाद वितरण किया जाएगा।
-विपिन कुमार अग्रवाल, पूजा समिति अध्यक्ष
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