
गुरुग्रामः हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो नें 17 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गुरुग्राम में HCS एचसीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है. विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ मिली शिकायत पर जांच करने के बाद सामने आए तथ्यों और सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. जांच में आरोप सही पाये गये जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया. आरोपी ने पटोदी में प्रॉपर्टी विवाद में एक पक्ष के हित में फैसला सुनाने के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी.

शिकायतकर्ता ने इतनी रकम न होने पर एचसीएस को 17 लाख रुपये रिश्वत दी थी. दरअसल 2011 बैच के एचसीएस अधिकारी राजेश प्रजापति वर्ष 2019-20 में बतौर एसडीएम पटौदी तैनात थे. तब उनके पास एक जमीन विवाद का मामला आया था. शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस समय मामले में की गई अपील पर उन्होंने एक पक्ष के हित में फैसला सुनाने के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. शिकायतकर्ता ने एचसीएस अधिकारी राजेश प्रजापति को 17 लाख रुपये रिश्वत दी थी. जिसके बाद शिकायतकर्ता ने साल 2020 में इसकी शिकायत प्रदेश सरकार से की थी.

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने विजिलेंस को जांच के आदेश दिए थे. करीब 2 साल से चल रही जांच में अधिकारी पर लगाए गए आरोप सही पाए गए. जिसके चलते विजिलेंस ने तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी एचसीएस अधिकारी को बुधवार को गिरफ्तार किया है. जानकारी अनुसार अधिकारी वर्तमान में हिसार के मंडलायुक्त के ओएसडी के तौर पर नियुक्त है. विजिलेंस अधिकारी ने बताया कि प्रॉपर्टी मामले में रिश्वत लेने की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही थी. जांच में आरोप सही पाये गये हैं जिसके बाद आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है*
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