
राजनगर : शिव पूजा कमेटी भीमखंदा के द्वारा आयोजित पूर्णिमा के अंतिम सोमवार को श्रावणी मेला एवं जलाभिषेक का आयोजन समापन हुआ। सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक उड़ीसा, बंगाल ,जमशेदपुर ,विभिन्न गांव से एवं विभिन्न राज्यों से एक लाख कांवरियों ने जलाभिषेक किये।
कमेटी की ओर से सभी कांवरियों को लाइन से जलाभिषेक करने की व्यवस्था किया गया। जो कांवरियों को दिक्कत ना हो।

समिति की ओर से सभी भक्तों एवं कांवरियों को नास्ता ,प्रसाद एवं शरबत का व्यवस्था किया गया।

श्री रुद्र प्रताप महतो ने कहा कि श्रावण महीने की प्रत्येक सोमवार को हजारों की संख्या में कांवरियों ने जलाभिषेक करते हैं। श्रावण महीने के सभी सोमवार को कमेटी की ओर से सभी को प्रसाद , नास्ता एवं शरवद दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में पांच पांडव अज्ञात वास के समय भीम द्वारा बनाए गए चूल्हा , अर्जुन द्वारा पूजे गए शिवलिंग , हाथी घोड़े के पंजे, पत्थर पर लिखावट, अर्जुन द्वारा चलाए गए वाण से छेद अर्जुन पेड़ है,जो आज भी जीवित है। नदी के बीच में स्थित शिवलिंग प्रतिदिन पूजा अर्चना होती है। जो सच्चे मन से पूजा अर्चना करते हैं उसकी हर मनोकामनाएं पूरा होती है।
श्रावण महीना के अंतिम सोमवार भीमखंदा में जय महाकाल सेवा ग्रुप ने कैम्प कर सभी श्रद्धालुओं एवं कांवरियों को चना, गुड़, शरवत एवं चाय का वितरण किए हैं।
श्रावण मेला को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष- रुद्र प्रताप महतो ,सचिव – गोपाल महतो , कोषाध्यक्ष – तपन कुमार महतो, सदस्य – अनिल कुमार महतो , मनोज कुमार महतो , सुभाष महतो ,संजीत महतो, रूपेश महतो , पिंटू महतो , पुरूषोत्तम महतो , महावीर महतो , जगदीश महतो , युगल किशोर महतो , जयराम महतो, उत्तम महतो ,खगेन महतो एवं समिति के सदस्य तथा ग्रामवासी का सहरनीय योगदान रहा।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
