
बेरमो/बोकारो-
डीटीओ बोकारो के निर्देश के बावजूद डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट के ऐश पॉन्ड से छाई की ओवरलोडिंग किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रशासनिक निर्देश और विभागीय पत्र जारी होने के बाद भी क्षमता से अधिक छाई लादकर हाइवा का परिचालन किया जा रहा है। वहीं, बिना निर्धारित झारखंड परमिट के दूसरे राज्यों के वाहनों के इस्तेमाल की भी शिकायत सामने आई है।

बताया जाता है कि बोकारो थर्मल में डीवीसी के एचओपी एवं जीएम (एचआर) की ओर से आवासीय कॉलोनी की सड़कों से होकर पावर प्लांट एवं रेलवे रैक स्थित छाई यार्ड तक हाइवा के आवागमन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय कॉलोनी की सड़कों से छाई लदे वाहनों का परिचालन जारी है। इससे धूल और शोर के साथ सड़क दुर्घटना की आशंका को लेकर भी लोगों में चिंता है।

गौरतलब है कि डीटीओ बोकारो ने पत्रांक 1011 के माध्यम से डीवीसी प्रबंधन को ऐश पॉन्ड से निर्धारित मानक से अधिक छाई लोड किए जाने पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया था। पत्र में ओवरलोडिंग को लेकर समाचार पत्रों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से लगातार मिल रही शिकायतों का उल्लेख किया गया था। डीटीओ ने इसे मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए कहा था कि ओवरलोड वाहनों से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है तथा सड़क, पुल-पुलिया, पर्यावरण और जनसुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रबंधन ने कहा- ओवरलोडिंग नहीं, आदेश का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
इस मामले में बोकारो थर्मल के जीएम (एचआर) एए कुजूर ने कहा कि ऐश पॉन्ड से ओवरलोड परिवहन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी की सड़कों से छाई ढुलाई रोकने के लिए सभी संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनियों को आधिकारिक ई-मेल भेजा जा चुका है।
उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ चालक रात के समय आदेश का उल्लंघन करते हुए कॉलोनी की सड़कों से वाहनों का परिचालन कर रहे हैं। जीएम (एचआर) के अनुसार, ऐसे वाहनों के परिचालन पर जल्द रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर लगातार ओवरलोड वाहनों के परिचालन की शिकायतें सामने आने से प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि डीटीओ के निर्देशों के बावजूद यदि ओवरलोडिंग और प्रतिबंधित मार्ग से छाई परिवहन की शिकायत सही पाई जाती है, तो जिला प्रशासन और डीवीसी प्रबंधन संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनियों एवं वाहन संचालकों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
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