
सरायकेला-खरसावां, 20 सितंबर 2026:
माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा श्री रामाशंकर सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के मार्गदर्शन एवं श्री तौसीफ मेराज, माननीय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के पर्यवेक्षण में 20 सितंबर 2026 को डिविजनल जेल, सरायकेला में जेल अदालत-सह-चिकित्सा जांच शिविर-सह-विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों तक न्याय, विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं विधिक जागरूकता की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना तथा उन्हें माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA), रांची द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम के दौरान श्री धरम महेश्वर महाली एवं श्री अभिमन्यु महतो, चिकित्सा पदाधिकारी, सहित एएनएम एवं अन्य चिकित्सा कर्मियों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। चिकित्सा टीम द्वारा बंदियों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया।
इस अवसर पर श्री देव प्रताप तिवारी, माननीय सहायक लोक अभियोजक, सरायकेला, श्री दिलीप कुमार शॉ, माननीय मुख्य लीगल एड डिफेंस काउंसिल, सरायकेला, श्री सुनीत कर्मकार, माननीय उप मुख्य लीगल एड डिफेंस काउंसिल, सरायकेला, तथा श्री अंबिका चरण पाणि एवं श्री विजय कुमार, माननीय सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल, सरायकेला उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में श्री तारापद सरकार, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति (CWC) तथा श्री सोनू कुमार, जेलर, डिविजनल जेल, सरायकेला के साथ-साथ एएनएम एवं अन्य चिकित्सा कर्मियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।
महिला बंदियों एवं उनके बच्चों के प्रति संवेदनशील पहल
कार्यक्रम के दौरान जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे बच्चों के लिए विशेष संवेदनशील पहल करते हुए उनके बीच चिल्ड्रेन फैमिली किट्स का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें आवश्यक उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराना तथा जेल में निरुद्ध महिला बंदियों एवं उनके बच्चों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना था।
इस अवसर पर माननीय सचिव, DLSA सरायकेला-खरसावां ने महिला बंदियों से प्रत्यक्ष संवाद किया तथा उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने उनकी बातों को गंभीरता से सुना तथा आवश्यक सहयोग एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया।
यह पहल विधिक सेवाओं के साथ-साथ मानवीय संवेदना, परिवार एवं बाल कल्याण को भी समान महत्व दिए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई।
जेल अदालत के माध्यम से बंदियों तक न्याय की पहुंच
जेल अदालत का आयोजन जेल में निरुद्ध व्यक्तियों को न्यायिक एवं विधिक सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से बंदियों की विधिक समस्याओं को समझने, उनकी आवश्यकताओं की पहचान करने तथा पात्र व्यक्तियों को उपयुक्त विधिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान बंदियों को उनके विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता तंत्र के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कारावास की स्थिति उनके विधिक सहायता प्राप्त करने के अधिकार को प्रभावित नहीं करती तथा पात्र बंदी विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से आवश्यक कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
NALSA एवं JHALSA की योजनाओं से कराया गया अवगत
कार्यक्रम के दौरान श्री तौसीफ मेराज, माननीय सचिव, DLSA सरायकेला-खरसावां द्वारा बंदियों को माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA), रांची द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं पहलों की जानकारी दी गई।
विशेष रूप से NALSA (SPRUHA), “मुलाकात से न्याय तक” तथा डिविजनल जेल, सरायकेला में संचालित लीगल एड डेस्क के संबंध में बंदियों को जागरूक किया गया।
बंदियों को बताया गया कि अपने लंबित मामलों, विधिक प्रतिनिधित्व, कानूनी सलाह अथवा अन्य विधिक समस्याओं के संबंध में वे जेल में संचालित लीगल एड डेस्क के माध्यम से आवश्यक विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने में विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका से भी अवगत कराया गया।
विधिक सहायता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें जेल अदालत, चिकित्सा जांच शिविर एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम को एक साथ जोड़ा गया। इससे बंदियों की विधिक एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को एक समन्वित मंच पर संबोधित करने का अवसर मिला।
ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जेल प्रशासन, विधिक सेवा प्राधिकार, लीगल एड डिफेंस काउंसिल एवं चिकित्सा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए बंदियों तक आवश्यक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
माननीय JHALSA के मासिक गतिविधि कैलेंडर के तहत नियमित आयोजन
यह कार्यक्रम माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के मासिक गतिविधि कैलेंडर के अनुरूप आयोजित किया गया। डिविजनल जेल, सरायकेला में इस प्रकार के कार्यक्रम मासिक आधार पर आयोजित किए जाते हैं, ताकि बंदियों को नियमित रूप से विधिक सहायता, कानूनी जागरूकता एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ा जा सके।
इसी क्रम में अगला जेल अदालत-सह-चिकित्सा जांच शिविर-सह-विधिक जागरूकता कार्यक्रम 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।
इस प्रकार के नियमित कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के न्याय तक पहुंच को सुदृढ़ करने तथा जेल में निरुद्ध व्यक्तियों तक विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के सतत प्रयासों को प्रतिबिंबित करते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि न्याय तक पहुंच प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है और विधिक सेवा प्राधिकार इस अधिकार को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
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