
धनबाद: आरएस मोर कॉलेज के भूतपूर्व प्राचार्य डॉ. एसएन राणा की पुण्यतिथि मंगलवार को भुनेश्वर यादव सुखदेव नारायण इंटर कॉलेज, हीरक रोड में एक समारोह के तहत श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीके दास ने की।
समारोह के मुख्य अतिथि, बीसीसीएल के पूर्व वित्त निदेशक आरके सहाय ने डॉ. राणा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कोयलांचल में शिक्षा के विकास और प्रसार में उनका योगदान अमूल्य है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आरएस मोर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण सिंह ने कहा कि धनबाद में एक स्वतंत्र कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) की स्थापना का सपना सबसे पहले डॉ. राणा और उनकी टीम ने ही देखा था, जो आज हकीकत बन चुका है।

कार्यक्रम में बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के भू-संपदा पदाधिकारी प्रो. एमके पांडेय ने याद दिलाया कि निरसा में केएसजीएम कॉलेज की स्थापना में भी डॉ. राणा का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान रहा था।

कॉलेज के संस्थापक भुवनेश्वर यादव और सुखदेव नारायण ने अपने संबोधन में कहा कि इस शिक्षण संस्थान को धरातल पर उतारने और अस्तित्व में लाने में डॉ. एसएन राणा का मार्गदर्शन निर्णायक रहा।
इस अवसर पर शिक्षा जगत और समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से राजकमल के पूर्व प्राचार्य फूल सिंह, संजय राणा, दामोदर शर्मा, विश्वनाथ राणा, पीयूष कौशल, अनूप राणा, कोलफील्ड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव संजीव राणा, अशोक गिरि, एसके सिंह, निवेदिता आनंद, पुष्पा यादव, प्रियाश्री, अमित मिश्रा, सुरेश महतो और सुशांत मंडल समेत दर्जनों लोगों ने डॉ. राणा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने की बात कही।
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