
NH-33 पर साहेरबेड़ा गोलचक्कर की दुकानों को लेकर विवाद, ग्रामीणों का दावा – पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्राम सभा सर्वोपरि, दुकानदार बोले- 8 साल से भर रहे हैं बिजली बिल, प्रशासन ने कागजात जांच की बात कही ।
सरायकेला : टाटा-रांची एनएच-33 स्थित साहेरबेड़ा चांडिल गोलचक्कर के ऊपर बनी दुकानों को खाली कराने को लेकर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। पूर्वजों की जमीन का हवाला देकर दुकान खाली कराने पहुंचे ग्रामीणों और दुकानदारों के बीच तीखी बहस हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ता देख चांडिल थाना पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।

*ग्राम सभा में लिया गया था 15 दिन में दुकान खाली करने का निर्णय*

ग्रामीणों के अनुसार विगत 28 सितंबर 2026 को शहरबेड़ा में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस ग्राम सभा में रूदिया पंचायत की मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गोलचक्कर पर दुकान चला रहे सभी दुकानदार मौजूद थे।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि गोलचक्कर पर स्थित सभी दुकानों को *15 दिनों के भीतर खाली* करना होगा और दुकानदारों ने भी उस समय सहमति जताई थी। ग्रामीणों का तर्क है कि यह क्षेत्र *पांचवीं अनुसूची* के अंतर्गत आता है, जहां ग्राम सभा ही सर्वोपरि और सर्वमान्य होती है, इसलिए उसके फैसले का पालन होना चाहिए।
*समय पूरा होने पर एकजुट होकर पहुंचे ग्रामीण*
निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी दुकानें खाली नहीं होने पर आज बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर गोलचक्कर पहुंचे और दुकानें खाली कराने की मांग करने लगे। इसी दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई और विवाद बढ़ गया।
मामले की सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस और चांडिल अंचल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया।
*ग्रामीण बोले- रोजगार के लिए दी थी जमीन, अब बच्चों के लिए चाहिए*
ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन उनके पूर्वजों की है। उन्होंने रोजी-रोजगार के लिए यह जमीन दी थी, लेकिन अब उनके बाल-बच्चे बड़े हो गए हैं, इसलिए वे अपने बच्चों के लिए रोजी-रोटी की व्यवस्था करेंगे।
वहीं एक दुकानदार का दावा है कि वह पिछले 8 वर्षों से बिजली बिल भर रहा है और उसके पास जमीन से संबंधित कागजात भी मौजूद हैं।
*प्रशासन ने 7 दिन की दी मोहलत*
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाया और कहा कि सभी अपने-अपने जमीन संबंधित कागजात लेकर अंचल कार्यालय आएं, कागजातों की जांच के बाद जिसका हक होगा, उसे दखल दिलाया जाएगा। लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीण आज ही दुकान खाली कराने की मांग पर अड़े रहे।
अंत में प्रशासन की काफी मशक्कत के बाद सहमति बनी कि दुकानदारों को दुकान खाली करने के लिए 7 दिनों की मोहलत दी गई है। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और अपने-अपने घर लौट गए।
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