
सरायकेला:- भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र की पावन रथ यात्रा के दौरान शनिवार को एक बार फिर भक्ति का अद्भुत सैलाब देखने को मिला। शुक्रवार को कालूराम चौक बड़दाड़ में रात्रि विश्राम के बाद, महाप्रभु का काफिला शनिवार को तय मार्ग से होते हुए श्री मंदिर पहुँचा।
भगवान के स्वागत और दर्शन के लिए सुबह से ही सरायकेला और आसपास के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु कालूराम चौक पर एकत्र हुए थे। हर कोई महाप्रभु की एक झलक पाने के लिए उत्सुक नजर आया।

मंदिर वापसी के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया ।भक्तों ने श्रद्धा के साथ भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर आशीष वचन लिए और जीवन को धन्य बनाया।श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को विशेष प्रसाद चढ़ाया गया, जिसे बाद में उपस्थित सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद के रूप में वितरित किया गया।

लोक-मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी को छूने मात्र से ही मनुष्य के जन्म-जन्मंतर के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष व पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी अटूट विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने नम आँखों और जय जगन्नाथ जयकारों के साथ महाप्रभु को श्री मंदिर में विराजमान किया।
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