
झरिया : देश में लगाए गए आपातकाल के 51 वर्ष पूरे होने पर लोकतंत्र सेनानी संघ की ओर से झरिया के कतरास मोड़ पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संघ के सदस्यों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एक सुर में देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इतिहास के उन काले दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि आज से ठीक 51 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र का गला घोंट दिया था।उस दौर में तानाशाही की सारी हदें पार कर दी गई थीं। अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडिस, मोरारजी देसाई जैसे दिग्गज नेताओं सहित अनगिनत साहित्यकारों, पत्रकारों और छात्र नेताओं को बिना किसी कसूर के जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। लेकिन भारत की जागरूक जनता ने अंततः इस तानाशाही को उखाड़ फेंका और इंदिरा गांधी को सत्ता से बेदखल कर देश में फिर से लोकतंत्र की बहाली की। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें वे लोकतंत्र सेनानी भी शामिल हुए जिन्होंने आपातकाल के दौरान क्रूर यातनाएं झेलीं और जेल में वक्त काटा। माल्यार्पण करने वालों में मुख्य रूप से हरीश कुमार जोशी (अधिवक्ता),
सुखलाल पंसारी,श्यामसुंदर स्वर्णकार शामिल रहे।

इन सेनानियों ने युवाओं से अपील की कि वे लोकतंत्र की कीमत को समझें और बाबा साहब के संविधान अक्षुण्ण रखने के लिए हमेशा तत्पर रहें। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित रहने वाले प्रमुख लोगों में आचार्य बलदेव पांडे, अरुण साव, महेश प्रसाद गुप्ता, सुदर्शन बरनवाल,

मनोज प्रसाद, विश्वनाथ साव, श्रीमती उमा भट्टाचार्य, अरविंदम बनर्जी ,भाजपा नगर अध्यक्ष अवधेश साव,राजेश अग्रवाल, अमित साव, संजय वर्मा, बृजनन्दन बरनवाल,अजय वर्मा, धर्मेंद्र सरोज, लल्लू झा, गिरिजा सिंह, हरि नारायण सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने भारत माता की जय और ‘लोकनायक जयप्रकाश नारायण अमर रहें’ के नारे लगाए तथा देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं को हमेशा ऊंचा रखने की शपथ ली।
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