
सरायकेला :चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी से पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर जिले के पटमदा तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की करोड़ों की योजना में पहले ट्रायल के दिन ही पाइपलाइन फट गई। दो दिनों से चल रहे ट्रायल के पहले ही दिन पाइप से 10 से 15 फीट ऊंचाई तक पानी का फव्वारा फूट पड़ा, जिसे देखने आसपास के लोग जुट गए।
*बायपास पर बहने लगा पानी* रांची-टाटा से पुरुलिया-धनबाद जाने वाले मुख्य राज्यमार्ग चांडिल बायपास पर बामणी नदी फुलिया के *भालूककोचा* के पास पाइपलाइन से पानी की तेज धार 10 फीट ऊंचाई तक उछलने लगी। खेत में पर पानी बहने से जिसे किसान की जमीन भी प्रभावित हुआ।

*45 किमी में 4 किमी पर ही हाल बेहाल*

राज्य सरकार ने स्वर्णरेखा नदी के शुद्ध जल को पटमदा तक पहुंचाने के लिए करोड़ों की लागत से पानी टंकी और फिल्टर मशीन लगाई है। स्वर्णरेखा नदी स्थित पंप हाउस से पटमदा तक करीब 45 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है। लेकिन ट्रायल के पहले ही दिन पंप हाउस मशीन घर से महज *चार किलोमीटर* की दूरी पर ही पाइप फट गई। अभी 45 किमी दूर पटमदा तक पानी पहुंचना बाकी है।
*स्वच्छता पेयजल मिशन की ओर से डोर टू डोर योजना पर सवाल*
स्वच्छ पेयजल मिशन के तहत घर-घर तक साफ पानी पहुंचाने की योजना है। लेकिन ट्रायल में ही पाइपलाइन के फटने से योजना की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब 4 किमी में ही पाइप फट जा रही है तो 45 किमी तक पानी कैसे पहुंचेगा।
ग्रामीणों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से मांग की है कि पूरे पाइपलाइन की तकनीकी जांच कराई जाए और लीकेज रोका जाए। वरना करोड़ों की योजना फेल हो जाएगी और लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पाएगा।
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