
कतरास : बाघमारा विधानसभा अंतर्गत कतरास, अंगारपथरा एवं कांटापहाड़ी क्षेत्रों में हुए भू-धंसान एवं जमीन में दरार पड़ने की घटना के बाद बुधवार को झरिया विधायक रागिनी सिंह लोगों की फरियाद पर प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। विधायक ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर क्षतिग्रस्त आवासों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से पूरी घटना की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने पाया कि अवैध खनन के कारण कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं तथा पूरा इलाका खतरे की जद में आ चुका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन किए जाने से जमीन खोखली हो चुकी है, जिससे लोगों के बीच भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

मौके पर निरीक्षण के दौरान विधायक रागिनी सिंह को अवैध खनन में लगी तीन पोकलेन मशीनें दिखाई गईं। साथ ही हजारों बोरी अवैध कोयले का भंडारण एवं कई अवैध खनन मुहाने भी पाए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने तत्काल बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के जीएम से दूरभाष पर वार्ता कर कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद विधायक स्वयं जीएम कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों को पूरे मामले की गंभीरता से अवगत कराते हुए जमकर फटकार लगाई।

विधायक ने बीसीसीएल प्रबंधन को सभी अवैध खनन मुहानों को तत्काल बंद कराने, अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने भू-धंसान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने एवं पुनर्वास की दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग भी की।
झरिया विधायक रागिनी सिंह के निर्देश पर प्रशासन एवं बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए दस विस्थापित परिवारों के लिए आवास सुनिश्चित कराया गया, जबकि बीस अन्य परिवारों को अगले दिन सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। नए आवास मिलने के बाद स्थानीय विस्थापित परिवारों ने विधायक रागिनी सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि संकट की घड़ी में विधायक स्वयं मौके पर पहुंचीं और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
विधायक रागिनी सिंह ने कहा,
“अवैध खनन ने पूरे इलाके को मौत के मुहाने पर ला खड़ा किया है। गरीब और मेहनतकश परिवार भय के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। बीसीसीएल और प्रशासन को अब केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाने होंगे। प्रभावित लोगों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कराकर संवेदनशील इलाकों की पहचान की जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सके।
मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं महिलाएं मौजूद थीं, जिन्होंने अवैध खनन पर रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सुरक्षित पुनर्वास की मांग उठाई।
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