
धनबाद: जिला खनन टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आज न्यू टाउन हॉल में आयोजित की गई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य खनिज संपदाओं के अवैध खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाना था। बैठक में एसएसपी प्रभात कुमार समेत जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

*माइंस क्लोजर रिपोर्ट और प्रभावित गांवों का विकास*

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने एक बड़ा नीतिगत निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि अब माइंस की खुदाई शुरू करने से पहले ‘माइंस क्लोजर रिपोर्ट’ बनाना अनिवार्य होगा। इसके लिए एक ‘माइंस क्लोजर एडवाइजरी कमेटी’ का गठन किया गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र के भविष्य और वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास को सुरक्षित करना है। उपायुक्त ने सभी संबंधित कंपनियों से खदानों के अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) की जानकारी मांगी है, ताकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों की सटीक पहचान की जा सके। इन गांवों में डीएमएफटी (DMFT), सीएसआर (CSR) और माइनिंग क्लोजर प्लान के फंड का निवेश कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।
*परिवहन सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण*
कोयला परिवहन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क पर चलने वाली कोयले की सभी गाड़ियां पूरी तरह से ढकी होनी चाहिए। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और चालान काटा जाएगा। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एसएसपी प्रभात कुमार ने सभी वाहनों में रिफ्लेक्टेड लाइट और टेप लगाना अनिवार्य कर दिया है।
सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई के निर्देश
एसएसपी प्रभात कुमार ने जिले के सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ नियमित छापेमारी करें। उन्होंने माइंस की सुरक्षा बढ़ाने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए:
सभी माइंस की घेराबंदी (Boundary Wall) की जाए।
प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही द्वार रखा जाए ताकि बाहरी तत्वों का प्रवेश रोका जा सके।
कोयला चोरी या अवैध खनन से जुड़ी हर घटना पर तत्काल और विधिवत FIR दर्ज की जाए।
*अब तक की कार्रवाई का लेखा-जोखा*
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा ने अवैध उत्खनन के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की। साथ ही, बीसीसीएल (BCCL) के अधिकारियों ने भी कोयला चोरी रोकने के लिए अपने द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की। प्रशासन ने पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों, जैसे ‘व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम’ को राज्य सरकार के पोर्टल से जोड़ने की प्रगति की भी समीक्षा की।
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