
सरायकेला : ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत पारगाना कार्यालय, गौरांगकोचा में सोमवार 15 को आदिवासी स्वशासन व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता धनेश्वर मुर्मू ने की। इसमें आसपास के कई गांवों के माझी बाबा और समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में मुख्य रूप से दो विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

पहला विषय आदिवासी समाज के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ा रहा, जिसमें समाज के विकास को लेकर लक्ष्य और उद्देश्य निर्धारित किए गए, वक्ताओं ने पारंपरिक संसाधनों, सामूहिक प्रयास और स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
दूसरे विषय पर चर्चा करते हुए बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आदिवासी समाज 1 जनवरी और 2 जनवरी को नया साल का जश्न नहीं मनाएगा, इसके पीछे ऐतिहासिक कारणों का उल्लेख किया गया।
बताया गया कि 1 जनवरी 1948 को खरसावां गोलीकांड में हजारों आदिवासियों की निर्मम हत्या हुई थी, वहीं 2 जनवरी को कॉलिंगनगर, ओडिशा में भी आदिवासियों की हत्या की गई थी।
इन घटनाओं की स्मृति में आदिवासी स्वशासन व्यवस्था द्वारा 1 जनवरी 2026 को पारगाना कार्यालय, गौरांगकोचा मैदान में शोक दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, इस दौरान तमाम शहीद आदिवासियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
बैठक में मुख्य रूप से कारण किस्कू, ललित मार्डी, गणेश बेसरा, किष्टो माझी, सुना टुडू, मोतीलाल मुर्मू, मधु हेंब्रम, शिलु सारना, महाबीर हांसदा, स्यामचांद किस्कु, रोड़े बेसरा सहित कई समाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।
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