
धनबाद के बैंक मोड़ स्थित अनुवा अकादमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स में बाल दिवस का उत्सव सोमवार, 17 नवंबर 2025 को अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन बच्चों के प्रति पंडित जवाहरलाल नेहरू के प्रेम और झारखंड राज्य की रजत जयंती के शुभ अवसर को समर्पित था।

कार्यक्रम की शुरुआत देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ हुई। अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती अनुवा घोष ने पंडित नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद, अकादमी के निर्देशक डॉ. विक्टर घोष ने उपस्थित सभी बच्चों और अभिभावकों को पंडित नेहरू के जीवन से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बच्चों को नेहरू जी के उच्च आदर्शों पर चलने और देश के सच्चे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। डॉ. घोष ने जोर दिया कि बच्चों का सर्वांगीण विकास ही देश के उज्जवल भविष्य की नींव है।

उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में, झारखंड की रजत जयंती (25 वर्ष) के उपलक्ष्य में एक विशेष ‘लोक चित्र पर आधारित आर्ट कैंप’ का आयोजन किया गया। अकादमी की छात्राओं ने इस कैंप में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता का अद्भुत प्रदर्शन किया। उन्होंने झारखंड की समृद्ध संस्कृति, लोक कला और प्रकृति से प्रेरित होकर अपनी भावनाओं को कैनवास पर उतारा। यह आर्ट कैंप न केवल छात्राओं की कल्पना और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक मंच बना, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर भी प्रदान किया।
अकादमी प्रबंधन ने बच्चों की खुशी को दोगुना करने के लिए एक पारंपरिक स्वादिष्ट भोज का भी आयोजन किया। इस प्रीतिभोज ने उत्सव के माहौल को और भी अधिक खुशनुमा बना दिया, जहाँ बच्चों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर खूब आनंद लिया।
इस अवसर पर, अध्यक्ष श्रीमती अनुवा घोष ने अपने संबोधन में कहा कि:
“बच्चे हमारे देश का अमूल्य भविष्य हैं और उनका विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार के रचनात्मक आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास और छिपी हुई प्रतिभा को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारा लक्ष्य बच्चों को कला के माध्यम से सशक्त बनाना है।”
कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिषेक घोष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने पूरे कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन किया और अंत में उपस्थित सभी अभिभावकों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। बाल दिवस के इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की। यह आयोजन अनुवा अकादमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स की कला और संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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