
पटना में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ।यह सम्मेलन 11 एवं 12 सितम्बर क़ो हो रहा है.

इस सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य शासन में सुधार और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के तरीकों पर चर्चा करना है।

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बिहार सरकार की प्रशासनिक सुधार की पहलों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से शिकायत निवारण तंत्र और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में राज्य की प्रगति की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इन पहलों ने न केवल शासन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया है, बल्कि यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।
डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ है, और इस दिशा में बिहार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ‘ईज ऑफ लिविंग’ (जीवन की सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए प्रभावी और नागरिक-केंद्रित शासन आवश्यक है।
बिहार के मुख्य सचिव ने सम्मेलन में राज्य द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला, जैसे कि ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार और फाइलों को डिजिटल रूप से निपटाने की पहल। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज हुई हैं और जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ रहे हैं।
यह सम्मेलन विभिन्न राज्यों के बीच अनुभवों को साझा करने और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। आने वाले दिनों में, इसमें विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अधिकारी और विशेषज्ञ गवर्नेंस, लोक सेवाओं और नवाचारों पर विचार-विमर्श करेंगे। उम्मीद है कि इस सम्मेलन से निकलने वाले विचार और सुझाव देश भर में प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देंगे।
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