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बिहार में मानसून का प्रकोप: भारी बारिश और वज्रपात से जनजीवन प्रभावित

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Byadmin

Jul 16, 2025

 

बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हो रही है और वज्रपात की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। सोमवार देर रात मुजफ्फरपुर में हुई जोरदार बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दिलाई, लेकिन इसके साथ ही मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर वज्रपात की घटनाओं में 10 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है, जो मानसून के इस चरण की गंभीरता को दर्शाता है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पटना, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, रोहतास और औरंगाबाद जैसे जिलों में अगले कुछ घंटों में मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

*रेड अलर्ट और जन सुरक्षा की अपील*

मौसम विभाग ने कुल 13 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिनमें से 3 जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। संबंधित जिलों के प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

वज्रपात की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, लोगों से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की गई है। खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करने की हिदायत दी जा रही है। किसानों और खेत में काम करने वाले मजदूरों को भी मौसम पर लगातार नजर रखने और खराब मौसम में काम बंद कर देने की सलाह दी गई है।

*आपदा प्रबंधन की तैयारी*

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने सभी संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है, और जल जमाव वाले क्षेत्रों में निकासी की व्यवस्था की जा रही है।

नदियों के बढ़ते जलस्तर पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रत्याशित बाढ़ की स्थिति से निपटा जा सके। राहत और बचाव दल को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और स्थानीय मानसूनी गतिविधियों के कारण बिहार में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। लोगों को चाहिए कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों पर ध्यान दें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करके ही इस चुनौतीपूर्ण मौसम का सामना किया जा सकता है।


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