
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी बराकर नदी तट पर स्थित संत मत सत्संग आश्रम में एंव डीपो डंगाल स्थित गायत्री शक्तिपीठ मंदिर में गुरू पूणिॅमा को लेकर कई धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। संत मत सत्संग आश्रम में भजन-किर्तन, प्रर्वचन तथा गुरू शिष्य दीक्षा के अलावा भंडारा का भी आयोजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ में चौबीस कुंडलित यज्ञ और कर्म कांड का आयोजन करने के साथ-साथ वहां भी भ्डरा का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर स्वामी परेशानंद महराज ने कहा कि सदियों से गुरू शिष्य की परम्परा चलती आई हैं। शिक्षा, तकनीक, नौकरी या व्यवसाय किसी भी क्षेत्र में जाय। बिना गुरू के आशिर्वाद से किसी भी कार्य में पारंगत नहीं हो सकते हैं। गुरू गोबिंद सिंह ने कहा हैं कि गुरू का स्थान भगवान के स्थान से भी ऊपर हैं। बिना गुरू के भगवान के भी दर्शन नहीं हो सकते हैं।

इस अवसर पर संत मत सत्संग आश्रम समिति के गोपीराम भालोटिया, प्रमोद भालोटिया, वीरेंद्र प्रसाद, शंकर रजनीवाल, संदीप लोयलका, सीताराम बर्णवाल, जयप्रकाश केशरी, अनिल पाण्डेय, महेश वर्णवाल, बिनोद अग्रवाल, दिलीप लोयलका समेत बड़ी संख्या में महिलाए भी उपस्थित थी।
गायत्री शक्तिपीठ में सभी धार्मिक अनुष्ठान पंडित सतीश कुमार के नेतृत्व में आयोजित किए गए। इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ के विजय कृष्ण खेमानी, दीपक दुधानी, नरेश गोयल, उमंग पोद्दार, इश्वर पटेल, प्रवीण जैन, पुरूषोतम अग्रवाल समेत कई लोग उपस्थित थे।
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