
सिंदरी: बलियापुर बुधवार को दुबे अखाड़ा में भगवान परशुराम की जयंती धूमधाम और श्रद्धाभाव से मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन वेद प्रकाश ओझा की देखरेख में किया गया, जिसमें सिंदरी के कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

परशुराम जयंती के इस अवसर पर दुबे अखाड़ा में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान परशुराम की प्रतिमा को विशेष रूप से सजाया गया था और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल का आनंद लिया।

कार्यक्रम के आयोजक वेद प्रकाश ओझा ने भगवान परशुराम के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम शक्ति और न्याय के प्रतीक हैं और उनके जीवन से हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने और धर्म की रक्षा करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने उपस्थित लोगों से भगवान परशुराम के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सिंदरी के कई प्रतिष्ठित नागरिक भी उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और भगवान परशुराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। सभी ने मिलकर भगवान परशुराम की आरती गाई और प्रसाद वितरण में भाग लिया।
दुबे अखाड़ा में आयोजित यह परशुराम जयंती समारोह शांति और सद्भाव का प्रतीक बना, जिसमें सभी वर्ग के लोगों ने मिलकर भगवान परशुराम का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक दूसरे को बधाई दी और इस सफल आयोजन के लिए वेद प्रकाश ओझा और उनकी टीम को धन्यवाद दिया।
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