
रिपोर्ट,अरुण कुमार सैनी

केंदुआ(धनबाद) संत अंथोनी चर्च धनबाद में हिंदी और अंग्रेजी में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है।

हिंदी प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए फादर प्रदीप मरांडी ने अपने उपदेश में कहा कि ईश्वर कभी भी हम सबों के पास खाली हाथ नहीं आते हैं। इसका सबसे बड़ा और जीवंत उदाहरण है ईश्वर का स्वयं मनुष्य रूप लेकर हम सबों के बीच जन्म लेना।

आज पूरे विश्व की कलीसिया प्रभु यीशु का जन्मदिन मनाती है। आज आवश्यक है कि जब हम प्रभु यीशु क्राइस्ट का जन्म दिवस मनाते हैं तो खुशी मनाने के साथ-साथ मनन चिंतन भी करें कि क्या ईश्वर का पुत्र इस तरह धरती पर हमारे लिए आ सकता है, दरअसल बालक यीशु का जन्म एक बहुत ही दयनीय दशा में छोटे से गौशाला में हुआ था। जिसे देखकर कोई भी यह नहीं कह सकता कि यह परमेश्वर का पुत्र है और हमारा राजा है। हमारा प्रभु विनम्र है और सादगी से भरपूर है। यहां तक की उनके जन्म की खबर तक किसी को नहीं थी, सिवाय उनके माता-पिता और दो-चार लोगों के। बालक यीशु अर्थात हमारे राजा के जन्म की खबर सबसे पहले चरवाहों को दी गई। यह अपने आप में एक अनोखी बात है क्योंकि दुनिया में कोई ऐसा राजा नहीं होगा जिसके पास ऐशो आराम या ठाट बाट नहीं होगा। लेकिन हमारा प्रभु यीशु इन सबसे अलग विनम्रता और सादगी का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस पूरी घटना का तात्पर्य यह है कि हमें दिन और विनम्र बना है ताकि प्रभु यीशु हमारे जीवन में आए और हमें उल्लासित करें।
प्रार्थना सभा के अंत में सभी ने एक दूसरे को यीशु के जन्म की बधाई दिए।
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