
झरिया : बढ़ते तापमान और पर्यावरण असंतुलन की चुनौतियों के बीच, बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर पाथरडीह कोलवाशरी स्थित मध्य विद्यालय में प्रकृति संरक्षण की एक नई अलख जगाई गई। झरिया की अग्रणी सामाजिक संस्था ‘यूथ कॉन्सेप्ट’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने मिलकर पर्यावरण रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नन्हे-मुन्नों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें विशेष शपथ दिलाई गई। बच्चों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे न केवल पेड़ लगाएंगे, बल्कि शहर को स्वच्छ रखने में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।

पृथ्वी संरक्षण शपथ के प्रमुख बिंदु:

1. पांच पौधे लगाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना
2. सड़क पर कचरा न फेंकना।
3. पॉलीथिन के उपयोग को पूरी तरह बंद करना।
4. भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए छत पर पानी रखना।
5. झरिया को फिर से हरा-भरा बनाना।
संस्था के संयोजक अखलाक अहमद ने वर्तमान जलवायु संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि गर्मी की शुरुआत में ही तापमान 40 से 45 डिग्री तक पहुँच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर जोर नहीं दिया गया, तो भविष्य में यह स्थिति मानव जीवन के लिए घातक सिद्ध होगी।
उन्होंने शहरवासियों से अपील किया की “मौसम के लिहाज से भविष्य में गंभीर समस्याएं उत्पन्न होंगी जिसका परिणाम हम सभी को भुगतना होगा।” “पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करना अनिवार्य है।”
अभियान के तहत विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया, जिनमें शामिल हैं:
पीपल: (ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत)
गुलमोहर: (सौंदर्य और छाया के लिए)
सागवान: (पर्यावरण संतुलन और मजबूती के लिए)
इस पुनीत कार्य में विद्यालय के शिक्षक जय प्रकाश, कृति कुमारी, मो. इकबाल सहित यूथ कॉन्सेप्ट के सदस्य और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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