
राजनगर : राजनगर प्रखंड के डुमरडीहा पंचायत अंतर्गत गांव विक्रमपुर में सार्वजनिक मनसा पूजा समिति द्वारा आयोजित धूमधाम से पूजा हुआ आयोजन,20सितम्बर को होगा विसर्जन।
सभी व्रतियों द्वारा गाजे बजे के साथ कलश लेकर तालाब गए वहां से विधिवत्त पूजा अर्चना कर पवित्र जल लेकर पूजा स्थान पर कलश स्थापित कर मां मनसा पूजा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान महिलाएं- पुरुष दिन भर निर्जला उपवास रहकर लड्डू ,केला , नारियल सिंदूर, से पूजा अर्चना किये। सभी श्रद्धालु मां के चरणों में माथा टेकते हुए सांप ,बिच्छू से सुरक्षित रहने, संतान की सुख समृद्धि ,रोग मुक्ति के लिए आशीर्वाद मांगे।

भक्तों ने बताया कि सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से हर मनोकामना पूरा होती है।

राम प्रसाद महतो ने कहा कि शास्त्र के अनुसार मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती मानसरोवर झील में जल कीड़ा कर रहे थे। तब दोनों के तेज इकट्ठा होकर कमल के पत्ते पर जमा हो गया, तब उनके संरक्षण के लिए वहां मौजूद सर्पिणियों ने इस तेज को अपनी कुंडली में लपेट लिया था। महादेव और जगदंबा के तेज से जिस कन्या का जन्म हुआ वह मनसा देवी का रूप है। विश्व में प्रमुख अष्ट नागों की कोई बहन नहीं तब भगवान शंकर ने अपनी भक्त बसुकी बात मानते हुए उन्हें नागलोक का साम्राज्य प्रदान कर दिया। इसलिए मनसा देवी संपूर्ण नाग जाति की बहन और पुत्री मानी जाती है। मां मनसा देवी तीन लोकों को स्वर्ग लोक, नागलोक और पृथ्वी लोक में पूजी जाती है।मनसा पूजा करने में गांव में शांति और समृद्धि बना रहता है।
पूजा संपन्न कराने में समिति के सदस्य राम प्रसाद महतो, नुनु राम महतो,कृष्ण चंद्र महतो , गणेश चंद्र महतो, सत्यनारायण दास , आलेख दास ,सुनील दुबे, राजेश दुबे, कर्ण कैर्वत , भिखारी महाराणा , धबो कैर्वत , रंजीत कैर्वत, सोमनाथ नंद ,नंदलाल मंडल , सुकरा मंडल , विरधान सोय , मनतोष बारीक, नीलकंठ बारीक , मकरध्वज कैर्वत,बसंत तांती ,जगन्नादन पुरती , मिथुन पुरती एवं ग्रामवासी का सहरनीय योगदान।
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