
सरायकेला – नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने सरायकेला क्षेत्र में लगातार बिगड़ती विद्युत व्यवस्था एवं गहराते पेयजल संकट को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए महाप्रबंधक, Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited (JBVNL), जमशेदपुर को विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना एवं योजना के दिन में कई बार बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण जहां एक ओर लोग सामान्य जीवन के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पिछले लगभग एक सप्ताह से सरायकेला की जनता भीषण पेयजल संकट झेलने को विवश है। बिजली नहीं रहने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जो अत्यंत गंभीर स्थिति है।

अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पीएसएस ऑपरेटर एवं लाइनमैन की मनमानी चरम पर है। बिना किसी तय योजना के कभी भी शटडाउन लेकर पूरे शहर की बिजली काट दी जाती है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है तथा विभाग को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। मरम्मत कार्यों में भी घोर लापरवाही बरती जा रही है और समस्याओं का समाधान समय पर नहीं किया जा रहा है।
तकनीकी अव्यवस्था पर उन्होंने कहा कि वर्षों से लाइन ट्रिपिंग, तार टूटने एवं वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। मुख्य विद्युत लाइन आज भी नदी, खेत एवं जंगल जैसे दुर्गम रास्तों से होकर गुजरती है, जिससे फॉल्ट होने पर विशेषकर रात में मरम्मत कार्य अत्यंत कठिन हो जाता है। ट्रांसफार्मरों में तेल की कमी, ओवरलोड की समस्या, झाड़-झांझड़ में पड़े उपकरण तथा मेंटेनेंस का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे सरायकेला टाउन की विद्युत आपूर्ति एक ही फीडर पर निर्भर है, जिससे छोटी सी खराबी में लगभग 5000 परिवारों की बिजली बाधित हो जाती है। वर्षों से अलग फीडर, एबी स्विच एवं पीएसएस स्टेशन में ब्रेकर लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अध्यक्ष ने कहा कि लाइन व्यवस्था मकड़जाल की तरह उलझी हुई है, पीएसएस स्टेशनों में निगरानी का अभाव है तथा अभियंताओं द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता। साथ ही कुछ कर्मियों एवं भ्रष्ट मिस्त्री की मिलीभगत से व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार द्वारा विद्युत क्षेत्र में संसाधन उपलब्ध कराए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर विभागीय लापरवाही के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
अंत में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तथा विद्युत एवं पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ, तो जन आक्रोश को नियंत्रित करना कठिन होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त सरायकेला-खरसावां, ऊर्जा विभाग के प्रबंध निदेशक एवं सचिव, कार्यपालक अभियंता तथा माननीय मुख्यमंत्री झारखंड को भी प्रेषित की गई है।
इसी क्रम में विद्युत आपूर्ति में सुधार को लेकर महाप्रबंधक महोदय के नाम पत्र कार्यपालक अभियंता श्री लालजी महतो को गुड़ियाडीह PSS में सौंपा गया। इस अवसर पर सहायक अभियंता श्री संजय सेवईया एवं जूनियर अभियंता श्री कुणाल प्रजापति भी उपस्थित रहे।
मौके पर पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें बिजली आपूर्ति में गुणात्मक सुधार लाने पर सहमति बनी। साथ ही लाइन कटौती को व्यवस्थित करने के लिए निम्न समय निर्धारित किए गए:
सुबह 8:00 से 9:00 बजे
दोपहर 1:00 से 2:00 बजे
शाम 4:00 से 5:00 बजे
रात 8:00 से 9:00 बजे
अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत का प्रयास है कि आम जनता को बेहतर और नियमित विद्युत आपूर्ति मिले तथा अनावश्यक कटौती पर नियंत्रण हो। उन्होंने आम नागरिकों से निर्धारित समय के अनुसार सहयोग करने एवं किसी भी समस्या की जानकारी साझा करने की अपील की है।
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