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डॉ. निखिल ड्रोलिया की टीम ने किया आधुनिक तकनीक से सफल घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी 

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Jul 20, 2026
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धनबाद- पाटलीपुत्र हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. निखिल ड्रोलिया और उनकी टीम ने एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में उन्होंने अत्याधुनिक यूनिकोम्पार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंट तकनीक का उपयोग कर एक 45 वर्षीय मरीज की सफल घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी की। डॉ. निखिल ड्रोलिया ने बताया कि बोकारो तेलमोचो निवासी श्रीमती मंजू देवी पिछले 6 महीने से घुटने के असहनीय दर्द से परेशान थीं। चलने और बैठने में भी उन्हें काफी तकलीफ हो रही थी। उनकी घुटने की हड्डी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने घुटना रिप्लेसमेंट की सलाह दी। हमारी टीम ने यूनिकोम्पार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंट तकनीक का उपयोग कर उनकी सफल सर्जरी की। वर्तमान में मरीज की स्थिति संतोषजनक है और वे तेजी से स्वस्थ हो रही हैं।

 

*यूनिकोम्पार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंट: एक अत्याधुनिक तकनीक*

 

डॉ. निखिल ड्रोलिया ने बताया कि यह तकनीक उन मरीजों के लिए एक वरदान है जिनके घुटने के केवल एक हिस्से (मेडियल, लेटरल, या पटेलाफेमोरल) में गठिया या ऑस्टियोअर्थराइटिस की समस्या है। इसमें केवल क्षतिग्रस्त हिस्से को धातु से बदला जाता है, जिससे प्राकृतिक घुटना सुरक्षित रहता है। यह एक मिनिमली इनवेसिव (कम आक्रामक) तकनीक है, जिससे मरीज जल्द ही अपनी सामान्य दिनचर्या में वापस लौट सकता है। धनबाद में इस तकनीक का उपयोग अभी तक सीमित है, लेकिन अब यह सुविधा

पाटलीपुत्र हॉस्पिटल में उपलब्ध है। डॉ. निखिल ड्रोलिया इस तकनीक के मुख्य लाभ के बारे मे भी विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि इस तकनीक से स्वस्थ हड्डियां और प्राकृतिक लिगामेंट्स सुरक्षित रहते हैं। केवल 3 से 3.5 इंच का चीरा लगाया जाता है, जिससे मांसपेशियों को कम नुकसान पहुंचता है। छोटा चीरा होने के कारण मरीज जल्दी ठीक होता है। सीढ़ियां चढ़ने और झुकने में आसानी होती है। टोटल नी रिप्लेसमेंट की तुलना में कम दर्द और रक्तस्राव होता है। मरीज को अस्पताल में कम समय बिताना पड़ता है। मरीज जल्द ही अपनी सामान्य दिनचर्या में वापस लौट सकता है। इस तकनीक से मरीज आसानी से पलटी मारकर बैठ सकता है। डॉ. निखिल ड्रोलिया ने कहा कि अब मरीजों को इस तरह की अत्याधुनिक सर्जरी के लिए दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे बड़े महानगरों का रुख करने की आवश्यकता नहीं है। पाटलीपुत्र हॉस्पिटल में विश्वस्तरीय तकनीक के माध्यम से मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। पाटलीपुत्र हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. निखिल ड्रोलिया ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि वे धनबाद सहित पूरे झारखंड के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


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