
सरायकेला : दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी गज परियोजना से पलायन गजों का झुंड भोजन और पानी की तलाश में निकले गजराज ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के चारों प्रखंडों में डेरा डाले हुए हैं। रविवार देर रात एक विशाल टस्कर गजराज जंगल से उतरकर सीधे चांडिल अनुमंडल परिसर में पहुंच गया और काफी देर तक विचरण करता रहा।


भोजन-पानी की तलाश में भटकता हुआ यह गजराज रात करीब 11 बजे अनुमंडल परिसर में दाखिल हुआ। गजराज की दस्तक से पूरे कंपाउंड एरिया में अफरा-तफरी मच गई। देर रात ड्यूटी पर तैनात कर्मी और आसपास के लोग कुछ समय के लिए दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
करीब आधे घंटे तक अनुमंडल परिसर में विचरण करने के बाद गजराज पूर्ण गांगुडीह जंगल की ओर चला गया। वन विभाग ने मशाल और पटाखों की मदद से हाथी को जंगल की तरफ खदेड़ा। राहत की बात रही कि इस दौरान किसी तरह की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों और वनकर्मियों का कहना है कि दलमा और आसपास के जंगलों में पानी और भोजन पर्याप्त नहीं मिलने से वन्य जीवजंतु असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसी वजह से हाथी लगातार रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। ईचागढ़, चांडिल, नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड में पिछले एक हफ्ते से हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखने पर शोर न मचाएं, भीड़ न लगाएं और तुरंत वन विभाग या कंट्रोल रूम को सूचना दें। रात में सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।
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