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एन एम एल बादम कोल खनन परियोजना के विरुद्ध गोलबंद हुए ग्रामीण

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Sep 6, 2026
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पंकज ठाकुर

 

बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत बादम पंचायत स्थित अश्विनी दुर्गा मंदिर प्रांगण में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत एनटीपीसी बादम कोल खनन परियोजना, जेएसडब्लू, अदाणी सहित अन्य कोल खनन कंपनियों के द्वारा की जा रही मनमानी के विरोध में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बादाम, गोंदलपुरा, महुंगाई, और हरली पंचायत के सभी समुदाय के ग्रामीण और किसान उपस्थित हुए। कार्यक्रम को लेकर बादम और गोंदलपुरा पंचायत में सभी प्रतिष्ठान, दुकान बंद रहा। बारी बारी से वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया।

एनएमएल बादम कोल खनन परियोजना के बढ़ती गतिविधियों के खिलाफ लोग आक्रोशित नजर आए।

इस दौरान लोगों ने निर्णय लिया के एनएमएल बादम कोल खनन परियोजना के विरुद्ध आर पार की लड़ाई अब लड़ेंगे। अब तक हमलोग जमीन दिए नहीं हैं न ही कोई ग्रामसभा का आयोजन इस क्षेत्र में हुआ है तो किस हक से हमारी जमीन को लूटने के लिए एनटीपीसी उतारू है।

सीआइएसएफ का दुरुपयोग कर के लाठी बंदूक का डर दिखा कर जमीन लूटने की जो तैयारी एनएमएल बादम कोल खनन परियोजना के द्वारा की जा रही है उसे किसी भी कीमत में सफल नहीं होने देंगे।

सीआइएसएफ को औद्योगिक सुरक्षा के लिए बनाया गया था लेकिन एनएमएल बादम कोल खनन परियोजना अब सीआइएसएफ के गोली और बंदूक से जमीन लूटने की तैयारी कर रही है। यह कानून और संवैधानिक अधिकारों का पूरी तरह से हनन है।

सीआइएसएफ के कार्यालय के समक्ष भी अब हमलोग धरना प्रदर्शन और रैली करेंगे और सीआइएसएफ के अधिकारियों के बताएंगे के हम ग्रामीणों के साथ न इंसाफी न की जाए। आप लोग अपनी बंदूक और लाठी का गलत प्रयोग हमारे ऊपर न करें। हमारी जमीन को लूटने में कंपनी का गलत साथ न दें। अगर आपलोग कंपनी का गलत साथ देंगे तो फिर हम सभी ग्रामीण डट कर आपके सामने खड़े हो जाएंगे। आप की लाठी और बंदूक से ज्यादा ताकतवर भारत का संविधान है और वही संविधान हमें अपनी जमीन को बचाने का हक देता है।

जब हम लोग अपनी जमीन, अपने धरोहर को बचाने का कार्य कर रहे हैं तो हमें बंदूक और लाठी के जोर से डराने का काम किया जा रहा है। हमारी संपत्ति हमारे धरोहर को बचाने के लिए कोई नहीं आएगा, हमें आर पार की लड़ाई अब लड़नी है। हमें अपनी जमीन बचाने के लिए दफन करना पड़े, या दफन होना पड़े हम लोग तैयार हैं।

न हम लोग किसी कंपनी से कुछ लेंगे और न ही हम लोग किसी कंपनी को अपनी जमीन देंगे।

अब बैरियर लगाकर कंपनी के गाड़ी को रोकना होगा, जैसे एनटीपीसी के कार्यालय में जाने के लिए पहले अनुमति लेना होता है वैसे ही हमारे गांव में बिना अनुमति के कोई कंपनी का वाहन या अधिकारी अब प्रवेश नहीं कर सकते हैं।

कंपनी के आने की सूचना जैसे ही मिले वैसे ही पारंपरिक हथियारों के साथ कंपनी को रोकने के लिए हम लोग एकजुट हो कर निकलेंगे।

अब अगर आंदोलनकारियों को झूठे मुकदमे में प्रशासन के द्वारा फंसाने का काम किया गया तो हम सभी लोग एक जुट हो कर थाने में अपना गिरफ्तारी देंगे।

2 अक्टूबर के दिन उपवास दिवस के रूप मे मनाया जाएगा। सीआईएसएफ को रोकने के लिए रणनीति बनाई गई। कंपनी के आने की सूचना होने पर मंदिर मस्जिद में लगे लाउडस्पीकर के माध्यम से ऐलान कर लोगों को एकजुट होकर कंपनी और सीआइएसएफ को रोकने की रणनीति बनाई गई।

कोल बैरिंग एक्ट और एम एम डी आर एक्ट के खिलाफ भी वृहद पैमान पर एक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिला पुरुष उपस्थित हुए।


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